अर्द्धनग्न प्रदर्शनों पर CM की नाराजगी , FIR के बावजूद पंचायतकर्मियों का आंदोलन जारी

मध्यप्रदेश / भोपाल : मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में CM चौहान प्रदेश में हो रहे अर्द्धनग्न प्रदर्शनों पर नाराजगी जता चुके हैं और ऐसे कर्मचारियों पर अनुशात्मक कार्रवाई करने की बात कही थी। रतलाम में 44 कर्मचारियों पर एफआईआर होने के बावजूद मध्य प्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है |। मुख्यमंत्री की नाराजगी सामने आने के बाद रतलाम जिले में 44 पंचायतकर्मियों पर धारा 144 के उल्लंघन और अश्लील प्रदर्शन करने का प्रकरण दर्ज किया गया है। बावजूद कर्मचारी उग्र आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं। संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक शर्मा ने बताया कि रतलाम के अलावा नीमच, सिंगरौली में भी एफआईआर दर्ज की गई है। कार्रवाई के खिालाफ कोर्ट में जाएंगे। हाईकोर्ट में पहले से कैविएट लगा रखी है।
मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने सरकार को अपनी 3 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की एक महीने की मोहलत की है। इस संबंध में भोपाल में करीब 46 संगठनों की मीटिंग भी की गई और रणनीति बनाई गई। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि 5 सितंबर तक सरकार कर्मचारियों की प्रमुख 3 मांगों पर निर्णय ले लें। ऐसा न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। एक महीने तक प्रदेशभर में बैठकें आयोजित की जाएंगी |
प्रदेश संयोजक शर्मा का कहना है कि पहले भी कई बार अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन उनमें कोई कार्रवाई नहीं की गई। पंचायतकर्मी अपनी जायज मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं तो एफआईआर दर्ज की जा रही है। यह गलत है। इसके खिलाफ ही प्रदेशभर में उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है।
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