पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ली शपथ, राहुल गांधी की वजह से शपथ ग्रहण समारोह में हुई देरी

पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ली शपथ, राहुल गांधी की वजह से शपथ ग्रहण समारोह में हुई देरी
- चरणजीत चन्नी बने पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री
- राहुल गांधी की वजह से शपथ ग्रहण में हुई देरी
- सीएम के साथ दो डिप्टी सीएम रंधावा और सोनी ने ली शपथ
पंजाब/चंडीगढ:- पंजाब में सियासी घमासान के बीच अब चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की. चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बनाए गए.
चरणजीत के साथ दो अन्य उप मुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की. इन्हें राज्यपाल बीएल पुरोहित ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई.
राहुल गांधी की वजह से शपथ ग्रहण में हुई देरी:-
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वजह से शपथ ग्रहण समारोह में 22 मिनट की देरी हुए बताते चलें कि शपथ ग्रहण का कार्यक्रम 11:00 बजे रखा गया था पर राहुल गांधी का इंतजार करना पड़ा जिसकी वजह से 22 मिनट की देरी हुई.
चन्नी के साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा, और ओपी सोनी ने डिप्टी सीएम की शपथ ग्रहण की.
चरणजीत चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है अब पूरी नजर मंत्रिमंडल पर रहेगी. बताते चलें कि चन्नी अब तक तकनीकी शिक्षा मंत्री रहे.
चन्नी को मुख्यमंत्री बना कांग्रेस ने खेला दलित कार्ड:–
चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने के बाद कांग्रेस ने दलित कार्ड खेल लिया है. ऐसे में साफ नजर आ रहा है कि कांग्रेस ने करीब 32% दलित वोट को टारगेट किया है.
5 महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं. दलितों का वोट बटोरने के लिए कांग्रेस का यह मास्टर स्ट्रोक साफ नजर आ रहा है.
पंजाब में 32% दलित आबादी है.117 में से 34 सीटें रिजर्व हैं. अब देखना होगा कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस दर्ज कराने के लिए और क्या-क्या कोशिश करती है.
शपथ समारोह में शामिल नहीं हुए कैप्टन अमरिंदर:-
हालांकि इस शपथ समारोह के दौरान कैप्टन अमरिंदर समारोह से नदारद रहे.




