फिर बंद हो सकता है बसों का संचालन, एक सप्ताह के भीतर लिया जा सकता है बड़ा फैसला

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – 18 सितंबर को मध्यप्रदेश किराया बोर्ड की बैठक में बसों का किराया बढ़ाने पर परिवहन अधिकारियों व मोटर मालिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच सहमति बनी थी। जिसके आधार पर परिवहन आयुक्त व अपर मुख्य सचिव (परिवहन) को नोट शीट बनाकर आदेश जारी करवाना चाहिए था, लेकिन 90 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया हैं। जिससे बस संचालक मुश्किल में आ गए हैं।
इसी बीच एक बार फिर बस संचालकों ने किराया बढ़ाने की मांग शुरु कर दी हैं। साथ ही एक बार फिर हड़ताल पर जाने की बात कही हैं। दरअसल, कोरोना के कारण यात्री बसों में कम सफर कर रहे हैं। इसके अलावा डीजल, पेट्रोल के दामों में रोजाना बढ़ोत्तरी होती जा रही है, जिसके कारण बस संचालकों को काफी नुकसान हो रहा हैं। लगातार घाटे से जूझ रहे अब बस संचालक जल्द ही प्रदेश भर में बसों का संचालन बंद करने की तैयारी में हैं।
इधर, मप्र प्राइम रूट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने भी इस ओर संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में डीजल, पेट्रोल के दामों में रोजाना बढ़ोत्तरी होती जा रही है, लेकिन बसों के किराए मे कोई इजाफा नही किया गया, जिसके चलते लगातार घाटा हो रहा है, एक सप्ताह के भीतर जल्द ही बैठक कर हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा।



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