Finance Minister Live:-रक्षा उत्पादन में मेक इन इंडिया पर ज़ोर
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रक्षा उत्पादन में मेक इन इंडिया पर ज़ोर :–
नई दिल्ली / गरिमा श्रीवास्तव:- निर्मला सीतारमण ने आर्थिक राहत पैकेज पर चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें यह कहा गया किDefence में मेक इन इंडिया(Make In India) को बढ़ावा मिलेगा.
सेना को आधुनिक हथियारों की ज़रूरत नहीं है जो पूरी की जाएगी.
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों के लिए अलग से Budget तैयार किए जाएंगे.
हमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है. आयात नहीं किए जाने वाले उत्पादों की लिस्ट बनेगी.
रक्षा उत्पाद की गुणवत्ता लाने के लिए मेक इन इंडिया को बल देने की आवश्यकता है. विदेशों पर कम निर्भर रहे इसके लिए भारत में हथियारों बनाने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा.
इससे भारत में हथियार बनाने वाली कंपनियों को लाभ मिलेगा. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री(Ordinance Factory) का कॉरपोरेटाइजेशन (Carporatization)किया जाएगा. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का निगमीकरण होगा ताकि बोर्ड के कामकाज में और सुधार हो बेहतर प्रोडक्ट बन सके सेना के हथियार मिल सके दुनिया भर के देशों पर हमारी निर्भरता कम हो हिंदुस्तान के अंदर और रोजगार पैदा हो सकें कंपनी पोस्टिंग करा कर उनकी क्षमता को बढ़ाने का काम किया जा सका.
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों के लिए अलग से बजट का ऐलान किया गया. हथियारों के आयात पर Ban लगेगा.
डिफेन्स(Defence) में FDI सीमा 49% से बढ़ा कर 74%की गई.
PPP Model पर एयरपोर्ट का विकास:-
हर व्यक्ति के समय को बचाने के प्रयास करने के लिए के लिए हवाई क्षेत्र में एयरपोर्ट(Airport) के विकास की योजना की गई है. पीपीपी मॉडल (PPP Model)से एयरपोर्ट का विकास होगा. एयरस्पेस बढ़ाने से आमदनी बढ़ेगी. एयरस्पेस बढ़ाने से सीधे तौर पर 1000 करोड रुपए बचेंगे. अभी सिर्फ 60% एयरस्पेस खुला है.
स्पेयर रिपेयरिंग जो अन्य देशों में जाकर होते हैं, उसमें बदलाव किए गए हैं. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे इस बदलाव से आठ सौ करोड़ से लेकर 2000 करोड रुपए तक 3 वर्षों में एयरक्राफ्ट(Aircraft) की रिपेयर के लिए जो खर्च होता है उसमें भी बचत होगी और जब भारत में ज्यादा से ज्यादा कार्य होने लगेगा तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.



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