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पीएम की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर हवा देने में जुटी भाजपा! पीएम की दीर्घायु के लिए महाकाल पूजन को जाएंगे वीडी शर्मा, पीएम मोदी ने की राष्ट्रपति से मुलाकात 

पीएम की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर हवा देने में जुटी भाजपा! पीएम की दीर्घायु के लिए महाकाल पूजन को जाएंगे वीडी शर्मा, पीएम ने की राष्ट्रपति से मुलाकात 

 

द लोकनीति डेस्क:गरिमा श्रीवास्तव 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुए चूक को हवा देने में अब भारतीय जनता पार्टी जुट चुकी है.

पंजाब के हुसैनीवाला में बुधवार (5 जनवरी) को एक फ्लाईओवर पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का काफिला फंसा रहा. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है.एक तरफ जहां कांग्रेस अलग-अलग बयान देने में जुटी है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेतासुरक्षा में हुई चूक को हवा देने में जुट गए हैं.

 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु के लिए पूजा-अर्चना करेंगे तो वही मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर पीएम की दीर्घायु के लिएप्रार्थना करेंगे.

पंजाब सरकार ने पीएम मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई चूक की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया. इस समिति में रिटायर्ड जज मेहताब सिंह गिल, प्रमुख सचिव (गृह मामलों) और न्यायमूर्ति अनुराग वर्मा शामिल होंगे. कमेटी 3 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

 पीएम मोदी की सुरक्षा में हुए चूक को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.फ्लाईओवर पर जब प्रधानमंत्री मोदी का काफिला फंसा तो कछ प्रदर्शनकारी वहां मौजूद थे.

कुछ प्रदर्शनकारी चाय पीते भी दिखे और मौके पर खड़ी पुलिस तमाशा देखती रही. कई पुलिस वाले तो प्रदर्शनकारियों के बीच भी दिखे.

फ्लाईओवर पर पीएम मोदी का काफिला 20 मिनट तक रुका रहा. ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि क्या जानबूझकर पीएम मोदी का रूट लीक किया गया था?

 मुख्यमंत्री मुख्य सचिव और DGP रिसीव करने क्यों नहीं पहुंचे?

 सुरक्षा में सेंधमारी कर कैसे बाहरी लोग नारेबाजी करते हुए पीएम की कार तक पहुंचे?

 जब मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि सहयोगियों के कोविड पॉजिटिव होने की वजह से रिसीव करने नहीं पहुंचे तो फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कैसे की?

 कई सवाल उठते हैं इन सवालों के जवाब राज्य सरकार को तो देने ही होंगे लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी अपनी एजेंसियों से जवाब मांगना पड़ेगा.

 आखिर इसे इंटेलिजेंस विफलता का मामला भी कहा जा सकता है.

 प्रधानमंत्री के दौरे से पहले केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अफसर हालात का जायजा लेते हैं क्या इन अफसरों ने पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी एसपीजी को मुहैया नहीं कराई थी?

 क्या पीएम के फिरोजपुर दौरे पर जाने से पहले ही एसपीजी और सुरक्षा में लगे एजेंसियों को मौसम की जानकारी नहीं थी?

 जब मौसम खराब होने की स्थिति क्या थी तो फिर प्रधानमंत्री को फिरोजपुर तक जाने क्यों दिया गया??

 बड़े सवाल खड़े होते हैं और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. आगे देखना होगा कि जांच कमेटी क्या रिपोर्ट सौंपती है और इस मामले में सत्ता दल और विपक्षी दल कितनी सियासत करेगी.

फिलहाल ये बहुत बड़ी चूक है.. इसी बीच यह बड़ी खबर भी सामने आई है कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के राष्ट्रपति से मुलाकात की है.और कल की घटना की जानकारी दी है.

 

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