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भोपाल:- जनता बनी मजाक: नगर निगम की बड़ी लापरवाही,ऑनलाइन सामान मंगवाने जो नंबर जारी किए, उनमें से कई स्विच ऑफ

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लेखक: thelokniti
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जनता बनी मजाक: नगर निगम की बड़ी लापरवाही,ऑनलाइन सामान मंगवाने जो नंबर जारी किए, उनमें से कई स्विच ऑफ

जनता बनी मजाक: नगर निगम की बड़ी लापरवाही,ऑनलाइन सामान मंगवाने जो नंबर जारी किए, उनमें से कई स्विच ऑफ

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए राजधानी भोपाल में 19 अप्रैल तक जनता कर्फ्यू लगाया गया है. इस दौरान जरूरी सामान के लिए होम डिलीवरी की सुविधा की बात सरकार ने कही थी.

 पर इसमें नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. इसके साथ ही कई दुकानदार मॉल के लोग भी आम जनता को परेशान कर रहे हैं.

 बुधवारा निवासी जुबेर सिद्दीकी और इंद्रपुरी निवासी राजदीप अचानक शहर में लॉकडाउन की घोषणा होने के घर के लिए किराना सहित अन्य सामान नहीं खरीद पाए थे. पर फिर भी वह बेफिक्रे थे क्योंकि उन्हें लग रहा था कि सरकार द्वारा नगर निगम के माध्यम से जो नंबर जारी किए गए हैं उनसे जरूरी सामानों की होम डिलीवरी कराई जा सकती है.

 पर जनता के साथ मजाक हो रहा है इस बात का खुलासा तब हुआ जब बुधवार को इन लोगों ने सामान मंगाने के लिए चार अलग-अलग नंबरों पर संपर्क किया इनमें से दो के फोन नंबर बंद मिले. जबकि एक नंबर पर घंटी बजती रही लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया. एक जगह फोन लगा लेकिन वहां से कहा गया कि हम होम डिलीवरी नहीं करेंगे नगर निगम ने हमारा नंबर क्यों दे दिया हमें पता नहीं है.

इस तरह से बड़ी संख्या में लोग रोजाना इन नंबरों पर फोन कर रहे हैं लेकिन उन्हें जरूरत के सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है.

 कम कीमत का सामान खरीदने वाले लोग हो रहे हैं सबसे ज्यादा परेशान :-

 Corona महामारी ने सभी की आर्थिक स्थिति चौपट कर दी है. किसी को दो टाइम का भोजन भी नसीब नहीं हो पा रहा है.

 ऐसे में सरकार द्वारा लॉकडाउन लगा देना लोगों के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रहा है. लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें 200 से ₹500 का सामान खरीदना होता है.ऑनलाइन सामान मंगाने के लिए बिग बास्केट से कम से कम 1200 का सामान लेना जरूरी है वही ऑनडोर पर 500 d-mart पर ₹1000 का सामान लेना जरूरी है.

अगर इससे कम सामान लेते हैं तो इस पर शिपिंग चार्ज जोड़ा जा रहा है वहीं इन दिनों ऑनलाइन में दो-तीन दिन की वेटिंग ही चल रही है.

बेस्ट प्राइस पर संपर्क करने पर यह बात कही गई कि हम सिर्फ मेम्बरशिप वालों को सामान देते हैं हमारा नंबर इस लिस्ट में डालना उचित नहीं है.

 जिओ मार्ट का मोबाइल नंबर बंद मिला.

 आपूर्ति कोलार का भी मोबाइल नंबर बंद मिला इसके साथ ही डी मार्ट होशंगाबाद रोड और डी मार्ट जहांगीराबाद का नंबर भी स्विच ऑफ मिला.

 लॉकडाउन में जहां सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है, की जनता को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी तो वही इस तरह की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है नगर निगम ने इन चीजों से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि हमने लोगों की सुगमता के लिए 27 एजेंसियों के नंबर जारी किए थे ताकि लॉकडाउन के दौरान उन्हें परेशानी ना हो और जरूरत का सामान मिल सके हमने कहीं नहीं लिखा है कि यह अधिकृत नंबर है यह एजेंसियां अपने हिसाब से लोगों को सामान डिलीवर करती हैं..

 यह बात नगर निगम के पीआरओ प्रेम शंकर शुक्ला ने कही.

 जिन जगहों पर चुनाव होने हैं उन जगहों पर ना ही कोई रोक-टोक है ना ही कोई लॉकडाउन है. ऐसा लग रहा है जैसे मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस नेताओं की चुनावी रैलियों से डरता है.

 जनता परेशान है स्थिति बिगड़ती जा रही है. सरकार अपनी लापरवाही का कोई हिसाब नहीं देती है. इन सबके बीच जनता पिस रही है. स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चौपट है ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद नहीं है तो अस्पतालों में बेड की किल्लत लगातार जारी है.

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी दमोह उपचुनाव में व्यस्त हैं. जनता कैसी है किस हाल में है इन्हें कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. जिस तरह से यह व्यवस्थाएं हैं उसे देख कर लग रहा है कि आने वाले समय में स्थिति काफी भयावह होने वाली है.

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