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भोपाल : 9 माह में 16,500 करोड़ का कर्ज ले चुकी शिवराज सरकार, अब पुन: ले रही 2373 करोड, कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश? 

भोपाल : 9 माह में 16,500 करोड़ का कर्ज ले चुकी शिवराज सरकार, अब पुन: ले रही 2373 करोड, कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश? 
भोपाल/राजकमल पांडे।
शिवराज सरकार प्रदेश को कर्ज में डुबोने की तैयारी कर ली है इसी वजह से बाजारों से हर 6 माह में कर्ज ऊठा रहे हैं. मध्यप्रदेश पर बाजार का कुल 2 लाख 11 हजार 89 करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो चुका है वहीं साल 2018 के अंत में यह कर्ज 1 लाख 80 हजार करोड़ था. आपको बता दें कि शिवराज सरकार द्वारा  2000 करोड़ (दो हजार करोड़) का कर्ज बाजार से लिया है. मौजूदा वित वर्ष में शिवराज सरकार ने अब तक 9 माह में 16 हजार 500 करोड़ का कर्ज ले चुकी है.
गौरतलब है कि जहां प्रदेश कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार ने खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दे दी है। नगरीय निकाय के चुनाव से ठीक पहले केंद्र ने यह अनुमति देकर शिवराज सरकार को बड़ी राहत दी है, अपितु केंद्र की शर्त के मुताबिक ही राज्य सरकार को कर्ज की राशि का 50% नागरिक सुविधाओं में खर्च करना होगी। केंद्र ने कहा है कि नगरीय निकायों से जुड़े सुधारों के साथ वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम को लागू करने में भी इस राशि का उपयोग किया जाए।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश ने अपने स्थानीय निकायों के कामकाज में काफी सुधार किया है। इस दिशा में आगे प्रोत्साहित करने के लिए वित्त मंत्रालय ने मप्र को खुले बाजार से अतिरिक्त पूंजी जुटाने की अनुमति दे दी है। मध्य प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश को भी यह अनुमति दी गई है।
दोनों राज्यों को यह सुविधा स्वास्थ्य और साफ-सफाई जन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दी गई है। शहरी स्थानीय निकायों में सुधार का उद्देश्य राज्य में यूएलबी की वित्तीय स्थिति बेहतर करना है ताकि वह सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हो सके।

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