भोपाल : नगर निगम कमिश्नर रोजाना देख रहे है उखड़ी हुई सड़कें, फिर भी हाल जैसे के तैसे, राहगीर परेशान

भोपाल : बारिश में सड़कें उखड़ जाना आम है या यूह कह सकते है की जब सड़कों की मरम्मत ही न हो तो वो बदहाल हो जाती है। ऐसी बहुत सी सड़कें राजधानी भोपाल में है, जहां सड़कें कम है लेकिन उसमे गड्ढ़े ज़्यादा हैं। राजधानी भोपाल की 50% सड़कें बारिश के कारण बदहाल हो गई हैं। ऐसी कोई सड़क नहीं है, जो गड्ढों से न पटी हो या उन पर धूल न उड़ रही हो। बारिश होते ही सड़कों पर पानी जमा हो जा रहा है। जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं शासन प्रशासन भी इसको लेकर कोई सुध नहीं ले रहा है।
हालही में पूर्व CM दिग्विजय सिंह, पूर्व PCC अध्यक्ष अरुण यादव समेत कई कांग्रेस नेताओं ने भोपाल की कुछ जर्जर सड़कों की तस्वीर अपने ट्वीट में शेयर किये थे, जिसके बाद निगम ने सड़कों के गड्ढों पर मिट्टी तो भर दी, बावजूद इसके राहगीरों की समस्या दूर नहीं हुई है। थोड़ी बारिश होते ही मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है। जिससे राहगीरों की समस्या दुगनी हो जाती है।
हालांकि, इन सबके बीच राजधानी में सड़कों की स्थिति देखते हुए कमिश्नर कवींद्र कियावत ने स्पेशल टीम बनाई है। इस मुद्दे पर वे आज एक मीटिंग भी लेंगे। बता दे कि नगर निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी रोजाना सड़कों पर निकलकर सड़कों के हाल देख रहे हैं। फिर भी सड़कों की हालत ठीक नहीं है।
जानें कहां क्या है सड़कों की हालत
पुराने शहर अल्पना टॉकीज के पास पाइप लाइन का काम चल रहा है। इसके लिए सड़क की खुदाई की गई है। इसके अलावा घोड़ा नक्कास, नवबहार सब्जी मंडी में भी सड़क उखड़ चुकी है।
होशंगाबाद रोड भी उखड़ी
एमपी नगर से हबीबगंज रेलवे स्टेशन तक सड़क की हालत ठीक नहीं है। वीर सावरकर ब्रिज से मिसरोद तक की सर्विस लेन गैस लाइन बिछाने के लिए खोदी गई थी, जिसकी सही ढंग से मरम्मत नहीं की गई है। इस कारण होशंगाबाद रोड से जुड़ी करीब 200 कॉलोनी के लोग परेशान हो रहे हैं। मिसरोद के पास सड़क पर गड्ढे काफी गहरे हो चुके हैं। कई जगह डामर उखड़ चुका है। जिस पर गिट्टी डाल दी गई है।
कोलर रोड की हालत भी नाज़ुक
कोलार गेस्ट हाउस से लेकर चिचली बैरागढ़ तक करीब 10 किमी सड़क का पुनर्निर्माण पीडब्ल्यूडी ने 3 साल पहले कराया था। इसके बाद सड़क की सुध नहीं ली। बारिश में जब सड़क जर्जर होती है, तो ठीक करा दिया जाता है। पिछले एक साल में सीवेज और कोलार लाइन बिछाने के लिए पूरी सड़क खोद दी गई। मंदाकिनी चौराहे से ललितानगर, नयापुरा, गेहूंखेड़ा में तो पूरी तरह से उखड़ी हुई है। फौरी राहत देते हुए नगर निगम ने गड्ढों में मिट्टी और गिट्टी डलवा दी, पर राहगीरों की मुश्किलें दूर नहीं हुईं। कोलार राजधानी का उप नगर है, जहां 2 लाख से ज्यादा आबादी रहती है। मुख्य रोड के साथ कॉलोनियों की सड़कें भी जर्जर हैं।
गौरतलब है कि सीवेज, गैस और पानी की लाइन इसके लिए जिम्मेदार हैं। जगह-जगह खुदाई करने और फिर सड़कों की मरम्मत नहीं करने से सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। कुछ जगह दिखावे के लिए सड़कों पर मिट्टी जरूर डाल दी गई, लेकिन यह और बड़ी आफत बन गई। बारिश में मिट्टी कीचड़ में बदल जा रही हैं, जिससे लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।




