भोपाल: फालेन आउट अतिथि विद्वान – अगर 10 दिन में प्रदेश सरकार ने हमारी न सुनी तो हम अपना लेंगे इच्छामृत्यु मचा हडकंप !

भोपाल: फालेन आउट अतिथि विद्वान – अगर 10 दिन में प्रदेश सरकार ने हमारी न सुनी तो हम अपना लेंगे इच्छामृत्यु मचा हडकंप !
भोपाल/राजकमल पांडे। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर आज चयनित शिक्षक राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदेश भर से आये चयनित शिक्षक एकत्रित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। वहीं भड़के शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उनके साथ खिलवाड़ करना बताया है। चयनित शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा का रिजल्ट सितंबर में आया उसके बाद लगातार तारीख पर तारीख मिलती गई। हाल ही में 4 जुलाई को कोरोना और चुनाव का हवाला देते हुए परिवहन की समस्या बताते हुए चयनित प्रक्रिया रोक दी गई। लेकिन अब तो सब कुछ ठीक हो गया है। चुनाव हो चुके हैं। लॉकडाउन खुल चुका है। बावजूद चयनित प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। वहीं आज विरोध प्रदर्शन के बाद भी अधिकारी नहीं माने। शिक्षकों का कहना है कि अधिकारी ने हर बार की तरह इस बार अगले सत्र में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की बात कहकर मामले को शांत कर दिया। भड़के प्रदर्शनकारी शिक्षक ने सरकार से सवाल किया है कि अगर भर्ती नहीं करना था तो परीक्षा ही क्यों ली गई। 10 साल मेहनत का क्या होगा। आपके अनुसार हमारी पढ़ाई बेकार है। क्या पढ़ने के बाद अपने हक के लिए सड़क पर उतरकर लड़ना जरुरी है। और अतिथि विद्वान ने कहा कि ‘‘हम आज से अनशन शुरू कर रहे है और अगर 10 दिन के भीतर सरकार ने हमारा कोई निराकरण नहीं किया तो हम 600 से 700 अतिथि विद्वान इच्छामृत्यु अपना लेगें. और इसकी जबाबदारी सरकार की होगी.’’
गौरतलब है कि 2019 में हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा की चयन प्रक्रिया को कोरोना और उपचुनाव से कारण से रोकी गई थी। चयनित शिक्षकों का आरोप है कि पिछले 6 महीने से सबसे निवदेन कर रहे हैं, सभी विधायकों से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है जिसके कारण धरने पर बैठने का निर्णय लेना पड़ा है।




