भोपाल : OBC आरक्षण पर CM शिवराज ने बुलाई बड़ी बैठक, मंत्री-ओबीसी के प्रमुख MLAs सहित वरिष्ठ वकीलो का पैनल भी होगा शामिल

भोपाल : साल 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार पिछड़ा वर्ग को 27 फ़ीसदी आरक्षण देने का विधेयक लेकर आई थी। लेकिन 27 फ़ीसदी आरक्षण पर तत्काल ही हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसके बाद प्रदेश में ओबीसी को 14% आरक्षण ही दिया जा रहा है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ओबीसी को 27 फ़ीसदी आरक्षण ना मिल पाने के लिए मौजूदा शिवराज सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
इतना ही नहीं सदन में भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी तकरार हुई। कमलनाथ ने शिवराज का घेराव किया तो वही शिवराज ने कमलनाथ पर बड़े बड़े आरोप लगाए। लेकिन अब ये मुद्दा और गरमाता जा रहा हैं।
बता दे कि कांग्रेस की ओर से ये आरोप लगाया गया कि सरकार आरक्षण पर कोर्ट में ठीक तरह से पक्ष नहीं रख रही है। इसी का काउंटर करने के लिए बीजेपी एक्टिव हुई और अब बीजेपी की ओर से ये आरोप लगाया जा रहा है कि कांग्रेस आरक्षण का विधेयक सिर्फ वोटबैंक के लिए लेकर आई थी। खुद सीएम शिवराज ने कहा था कि कमलनाथ सरकार ने कोर्ट में समय पर जवाब पेश नहीं किया था और इसलिए उस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था।
वहीं, इन सबके बीच मुख्यमंत्री शिवराज ने इस मुद्दे को लेकर आज बड़ी बैठक बुलाई हैं। ये बैठक मंत्रालय में दोपहर तीन बजे होने वाली इस बैठक में OBC के सभी मंत्री और विधायकों को बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार मोहन यादव, कमल पटेल, रामखेलावन पटेल, भरत सिंह कुशवाह सहित अन्य मंत्री, ओबीसी के प्रमुख विधायक भी शामिल होंगे। खास बात ये है कि इस बैठक में प्रदेश के महाधिवक्ता और वरिष्ठ वकीलो का पैनल भी शामिल होगा।
इस से पहले पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा सत्र से पहले सीएम हाउस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस वर्ग के नेताओं के साथ एक अहम बैठक हो चुकी है। तब बैठक में ओबीसी वर्ग के नेताओं को 27 फीसदी अरक्षण के लीगल पहलुओं से अवगत कराया गया था। तत्कालीन कमलनाथ सरकार की ओर से 27 फीसदी आरक्षण के विधेयक को लेकर कब – कब क्या – क्या कदम उठाए गए और कोर्ट में क्या पक्ष रखा गया इसकी जानकारी दी गई थी।




