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राजधानी की ख़राब सड़कें सरकार के दामन पर बनी दाग, CM ने तत्काल प्रभाव से CPA को समाप्त करने के दिए निर्देश, उठे कई सवाल

भोपाल : राजधानी की सड़कें सरकार के दामन पर दाग बन गई हैं। 50% सड़कें ऐसी हैं, जो बारिश में उखड़ चुकी है। कई जगह तो सड़कें गड्‌ढों में ही गायब हो गई हैं। कोलार, होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, कमला पार्क समेत पुराने शहर की सड़कों की स्थिति सबसे ज्यादा जर्जर है। हालांकि, लीलापोती के तौर पर गड्‌ढों में मिट्‌टी और गिट्‌टी डाल दी गई है। इस कारण सियासत गरमा चुकी है।

इसी बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बरसों पुरानी एजेंसी CPA (राजधानी परियोजना प्रशासन) को तत्काल प्रभाव से समाप्त के निर्देश दे दिए हैं। सूत्र बताते हैं, CPA को समाप्त करने के लिए कई दिन पहले से ही स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी थी। यह भी सामने आ रहा है कि अब सीपीए का काम पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया जाएगा, क्योंकि सीपीए के अधिकांश काम निर्माण से जुड़े हैं। सरकारी भवनों का मेंटेनेंस पीडब्ल्यूडी बेहतर तरीके से कर सकता है।

वहीं, CPA का अस्तित्व समाप्त करने के ऐलान के साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। सीपीए के प्रोजेक्ट और सड़कें अब किसके हवाले होगी, यह सवाल पैदा हो गया है। दरअसल, सीपीए ने शहर को कई ऑइकानिक प्रोजेक्ट दिए हैं, पर वह खराब सड़कों की भेंट चढ़ गया। शहरी सड़कों में सीपीए का हिस्सा 8% भी नहीं है। वर्तमान में एजेंसी के कलियासोत नदी पर 6 करोड़ रुपये का ब्रिज या जेके रोड समेत 25 प्रोजेक्ट चल रहे हैँ। इसके अलावा, 92.5 किमी सड़कों की देखरेख भी सीपीए ही करता है।

क्या है CPA

शहर को व्यवस्थित तरीके से डेवलप करने के लिए साल 1960 में आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत CPA का गठन किया गया था। इसका काम भोपाल शहर की सड़कों को बनाना और उनका मेंटेनेंस करना था। इसके अलावा, उसके जिम्मे पर उद्यान, बिल्डिंग निर्माण, पुल-पुलियाएं बनाने आदि के काम भी आ गए। वीआईपी रोड से लेकर एनेक्सी भी सीपीए ने ही बनाए हैं।

बता दे कि सीपीए सिर्फ सड़कों का काम ही देखता था। नए शहर को खूबसूरती देने में उसकी बड़ी भूमिका रही है। भारत, भवन, शौर्य स्मारक, ट्राइबल म्यूजियम, मानव संग्रहालय, टीटी नगर स्टेडियम, सतपुड़ा, विध्यांचल आदि इमारतें भी सीपीए ने बनाई है।

हालांकि, एनेक्सी को लेकर सीपीए के अफसर कई बार रडार पर आ चुके हैं।
 

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