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किसान महापंचायत की शुरुआत : दो घंटे तक जमीन पर बैठे "दिग्गी राजा", सुनते रहे दूसरों का भाषण

मध्यप्रदेश/रतलाम – साल 2017 में रतलाम के जिस डेलनपुर गांव से किसान आंदोलन में हिंसा की शुरुआत हुई थी, उसी गांव से गुरुवार को किसान महापंचायत की शुरुआत हुई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में यह आयोजन हुआ। महापंचायत की शुरुआत एक मुट्ठी अनाज और 5 रुपए लेकर की गई। एक मुट्ठी अनाज दिल्ली में बैठे किसानों के लिए वहीं, 5 रुपए राम मंदिर के लिए मांगे गए। महापंचायत में कांतिलाल भूरिया, विक्रांत भूरिया, हर्ष विजय गेहलोत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, जिलाध्यक्ष राजेश भरावा, मयंक जाट, यास्मीन शेरानी मौजूद थीं। संचालन डीपी धाकड़ व राजेश पुरोहित ने किया।

ख़ास बात ये रहीं की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस बार मंच पर नहीं बल्कि, जमीन पर बैठे। लंबे भाषण देने वाले नेताजी, दो घंटे तक दूसरों का ही भाषण सुनते रहे। यूं तो यह आयोजन गैर-राजनीतिक था, लेकिन किसान नेता भी मंच से भाजपा के नेताओं को कोसते रहे, कोई भाजपा का नाम लेने से बचा तो किसी ने खुलकर कोसा। पंचायत के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली को मंच बनाया था, ट्राॅली पर हल भी रखा था।

वहीं, किसानों से किए सीधे संवाद में दिग्विजय सिंह ने कहा कि उपज के बाद अब हारवेस्ट टेक्नोलॉजी पर ध्यान देने की जरूरत हैं। जिले में कम से कम चार प्रमुख उपज को लेकर काम होना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि खेती में लाभ पाना है तो फसल को रीसायकल किया जाए। अमेरिका में उपज को जो खाता है उसमें 70 प्रतिशत रीसायकल वाले के पास जाता है जबकि 30 प्रतिशत लाभ किसान तक जाता हैं। इसलिए यह जरूरी है अब बदलाव किया जाए। ताराचंद पाटीदार सिमलावदा, जगदीश पाटीदार अंबोदिया आदि ने अपनी बात रखी।

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