बड़वानी : कभी भुलाया नही जा सकता, शहीदों की शहादत को – पुलिस अधीक्षक

कभी भुलाया नही जा सकता, शहीदों की शहादत को – पुलिस अधीक्षक
बड़वानी से हेमंत नागझिरिया की रिपोर्ट : – देश व समाज की रक्षा के लिये अपने प्राणों की आहूति देने वाले कभी मरते नही, वरन शहीद कहलाते है । शहीद होने वालो में कोई उम्र, धर्म या क्षेत्र का बंधन नही होता । शहीद दिवस पर शहीदो की याद में पुष्प चक्र अर्पित कर जवानो को सम्बोधित करते हुये पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल द्वारा बताया गया कि प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस स्मृति परेड का आयोजन, पुलिस के उन बहादुर साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये किया जाता है, जिन्होने कर्तव्य परायण होकर मातृभूमि के हित में अपने प्राण न्यौछावर कर दिये ।
उन्होने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 में भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुये 16 हजार फिट की उॅंचाई पर सीआरपी के एक उपनिरीक्षक तथा 10 जवान, चीनी हमलावरो से जूझते हुये वीरगति को प्राप्त हुये थे । इन वीर पुलिस जवानो की याद में प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को शहीद दिवस मनाया जाता है। इन वीर पुलिस जवानों की याद में आज भी उनके शहीद स्थल पर लिखा है कि ‘‘हम आज अपने प्राणो की आहूति दे रहे है, तुम्हारे कल के लिये‘‘ । शहादत की इस इबारद को जवान अपने प्राणो की आहूति देकर आज भी प्रति वर्ष सजीव कर रहे है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस वर्ष देश में 264 पुलिस जवानो ने अपने प्राणो का न्यौछावर किया है जिसमें मध्यप्रदेश के 07 जवान भी सम्मिलित है।
शहीद दिवस पर आयोजित परेड में पुलिस जवानो ने अपने शस्त्र उल्टे कर शहीद हुये अपने साथियो को श्रद्धांजलि अर्पित की ।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश गुप्ता, कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा, पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरडी प्रजापति सहित जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगणो, विभिन्न विभागो के अधिकारियों, जवानो, नगर के गणमान्य नागरिको, युवाओं द्वारा शहीद स्तम्भ पर पुष्प चक्र अर्पित किये गये। 




