कोरोना संकटकाल के बीच "शिवराज सरकार" का एक और बड़ा फैसला, कांग्रेस में हड़कंप

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्य प्रदेश में सिंधिया समर्थक 22 विधायकों के कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी। लेकिन सरकार गिरने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कई अहम नियुक्तियां अलग-अलग आयोग में की थी। जिसको लेकर अब शिवराज सरकार सख्त हो गई हैं। अब शिवराज सरकार ने कैबिनेट कमेटी का गठन किया है जो पूर्व में कमलनाथ सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जांच करेगी।
ये कमेटी कमलनाथ के इस्तीफे से 6 महीने पहले तक के कमलनाथ कैबिनेट में लिए गए फैसलों की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश करेगी। कहा ये भी जा रहा है कि कुछ विभागों में किए गए टेंडर प्रक्रिया की जांच भी कैबिनेट कमेटी कर सकती हैं।
इस से पहले इस जांच के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया गया था। लेकिन अब कैबिनेट कमेटी बनाई गई हैं। जिसमें पांच मंत्रियों को शामिल किया गया हैं। इनमें मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, गोविंद राजपूत और बृजेन्द्र प्रताप सिंह के नाम शामिल हैं। सभी को समिति का सदस्य बनाया गया हैं। शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से जारी एक आदेश में कैबिनेट कमेटी के गठन की जानकारी दी गई हैं। खास बात यह है कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अब तक की रिपोर्ट भी इसी कैबिनेट कमेटी के सामने पेश की जाएगी।




