अफसरों की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहा, अक्षय ज्वेलर्स

अफसरों की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहा, अक्षय ज्वेलर्स
  • टैक्स चोरी के साथ साथ अफसरों की काली कमाई को करता था इन्वेस्ट 
  • जीएसटी और आयकर विभाग को सब कुछ मालूम होने के वाबजूद नही करते है कार्यवाही 

मध्यप्रदेश/भोपाल :- शहर में इन दिनों अक्षर ज्वेलर्स अधिकारियों का पसंदीदा केंद्र बना हुआ है. अपनी काली कमाई को कैसे गलाना है और कैसे व्हाइट करना है। इनके शोरूम में ग्राहकों से ज्यादा अफसरों की कतार लगी रहती है। शोरूम के मालिक वैभव गोयल इस पूरे मामले में हिस्सेदार है वैभव अफसरों की ब्लैक मनी को इन्वेस्ट कर उसे व्हाइट कर लौटा देते थे। और इसके बदले में ज्वेलर उनसे मोटी रकम वसूलता था। गोयल टेक्स चोरी कर सरकार को चूना लगाने का काम लम्बे समय से करता आ रहा है। हैरानी की बात तो ये है की सबकुछ मालूम होने के वाबजूद भी जीएसटी  और आयकर विभाग छापा क्यों नहीं मार रहे है। जबकी  विभाग के अधिकारी चाहे तो ग्राहक बनकर जा सकते है. और हकीकत का पता लगा सकते है। कहीं ऐंसा तो नहीं की आयकर और जीएसटी विभाग के भी अधिकारी इस टैक्स चोरी में शामिल हों? कोरोना काल के दौरान कई गरीब लोगों ने अपना घर चलाने के लिए अपने सोने चांदी के जेवर गिरवी रखे थे।  लेकिन समय पर ब्याज न देने पर वह डूब गए। इसके बाद क्या था फिर शोरूम के मालिक ने पुराने जेवरों को रंग रोंगन कर नए करके बेच दिया जाता था। जिस ग्राहक को जेवरों की परख थी वह तो समझ जाते थे.और जो ग्राहक नहीं समझ पाते थे उन्हें पुराने जेवरात बेच दिया करता था. आखिर कब तक ये आयकर विभाग सोता रहेगा।