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वर्षों युवाओं का भविष्य संवारने वाले अतिथि विद्वान गुरुओं की जिंदगी अंधकारमय, दो टाइगर होने के बाद भी हजारों अतिथि विद्वान अभी तक फॉलेन आउट

  • वर्षों युवाओं का भविष्य संवारने वाले उच्च शिक्षित अतिथि विद्वान गुरुओं की जिंदगी अंधकारमय,
  •   दो टाइगर होने के बाद भी हजारों अतिथि विद्वान अभी तक फॉलेन आउट

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:-  पिछले 25 वर्षों से मध्य प्रदेश के लाखों करोड़ों युवाओं,छात्रों का भविष्य संवारने वाले प्रदेश की उच्च शिक्षा को वर्षों अपने रक्त से सींचने वाले उच्च शिक्षित अतिथि विद्वानों का खुद का भविष्य अधर में लटका हुआ है।आज विद्वान उम्र के उस पड़ाव में आ चुके हैं कि इनके सामने घर परिवार की जिम्मेदारी है,परिवार व माता पिता के भरण पोषण का भार तथा प्रदेश के युवाओं के भविष्य को संवारने की ज़िम्मेदारी है किंतु उच्च शिक्षा विभाग की शोषणकारी नीतियों के कारण अतिथि विद्वानों का स्वयं का भविष्य सुरक्षित नही है।अतिथि विद्वानों की आर्थिक बदहाली और अनिश्चित भविष्य किसी से छुपी नहीं है,पूरा प्रदेश जानता है कि सबसे ज्यादा शोषित पीड़ित अगर कोई वर्ग है तो वो प्रदेश का उच्च शिक्षित वर्ग है जो नेट/सेट पीएचडी जैसे डिग्री लिए हुए अपने खून पसीने से पिछले 25 वर्षों से उच्च शिक्षा को सींचते हुए चले आ रहे हैं लेकिन अभी तक शासन प्रशासन से सिर्फ़ इनको आश्वासन के सिवाय कुछ भी नहीं मिला।अपने सुरक्षित भविष्य व खुशहाल जिंदगी के इंतजार में तो कई विद्वान् अपने प्राण तक त्याग दिए हैं।अगर ऐसी ही निरंकुशता रही आई तो आगे ना जाने कितनी और जानें जाएंगी।संघ के अध्यक्ष ने  सरकार से फिर अनुरोध किया है कि सरकार हमारी तरफ़ ध्यान दे और हमारी समस्या का समाधान करें। अध्यक्ष ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से गुहार लगाई है की फॉलेन आउट हुए अतिथि विद्वानों को तत्काल सेवा में लेते हुए हम सबका भविष्य सुरक्षित करें
टाइगर के प्रदेश में आज गुरु पूर्णिमा के दिन भी हजारों उच्च शिक्षित अतिथि विद्वान नौकरी से बाहर
सरकार बदली मुख्यमंत्री बदले लेकिन प्रदेश के उच्च शिक्षित अतिथि विद्वानों की बदहाल जिंदगी नहीं बदली।मोर्चा के मीडिया प्रभारी ने सूबे के जनप्रिय मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि नौकरी से बाहर हो चुके हजारों फॉलेन आउट उच्च शिक्षित अतिथि विद्वानों को सेवा में लें,आज हजारों विद्वान और इनके परिवार भुखमरी के कगार पे आ चुके हैं सरकार से प्रार्थना है की तत्काल रुकी लिस्ट जारी करें।
अब भी प्रदेश का सबसे ज्वलंत मुद्दा है अतिथिविद्वान नियमितीकरण
अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता का कहना है कि अब भी प्रदेश में अतिथिविद्वान नियमितीकरण सबसे बड़ा एवं सबसे ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस की पूर्वगामी कमलनाथ सरकार का पतन हुआ था।तब विपक्ष में रहते भाजपा व शिवराज सिंह चौहान अतिथिविद्वानों के पक्ष में सबसे मुखर थे।किंतु अब जबकि भाजपा व शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में निर्णायक भूमिका में है,राजनीति से ऊपर उठते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान को अविलंब अतिथिविद्वान नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करना चाहिए।तभी वे अतिथिविद्वानों के सच्चे हितैषी कहलायेंगे।

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