सभी खबरें

मध्यप्रदेश में करीब डेढ़ साल बाद बच्चों का इंतजार हुआ खत्म, सिर्फ 50% बच्चों की ही रहेगी उपस्थिति

  • मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में आज से खुल गए स्कूल 
  • अब 6वीं से 12वीं तक की सभी क्लासेस लगेंगी रोजाना 
  • कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा जरूरी
  • अभिभावकों से अनिवार्य रूप से लेना होगा सहमति पत्र 

मध्यप्रदेश/निशा चौकसे:- देश भर में कम होते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विभिन्न राज्यों में स्कूल खुलने लगे हैं. सितंबर महीने में ज्यादातर राज्यों ने स्कूल खोलने का फैसला किया है. कई राज्य इस पर अभी विचार कर रहे हैं. इसी क्रम में आज यानी एक सितंबर को मध्यप्रदेश में करीब डेढ़ साल बाद बच्चों का इंतजार खत्म हुआ है. बता दें की आज से 6वीं से 12वीं तक की सभी क्लासेस रोजाना लगेंगी। पहले की तरह अब भी सिर्फ रविवार को ही अवकास हुआ करेगा।
हालांकि कोरोना संक्रमण से बच्चों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है. राज्य सरकारों ने कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा. साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा.

इतने प्रतिशत बच्चे रहेंगे उपस्थित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद पांच दिन पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल खुलने के आदेश जारी किए थे। स्टाफ को वैक्सीन का कम से कम एक डोज लगना अनिवार्य है। साथ ही क्लास में 50% बच्चे उपस्थित रह सकते हैं। इसके कारण एक बच्चे को सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही स्कूल आना होगा।  बता दें कि एमपी में नया अकादमिक सत्र 12 जून को ही शुरू हो गया था. अभी नौवीं से 12वीं तक के स्कूल सप्ताह में दो दिन खुल रहे हैं.

इन राज्यों में भी आज खुल रहे हैं स्कूल
मध्यप्रदेश सहित आज कई राज्यों में 50% बच्चों की उपस्थिति  के साथ स्कूल खुल रहें हैं इनमे दिल्ली जहां स्कूल सप्ताह में दो दिन खुलेंगे, उत्तर प्रदेश में प्रत्येक कक्षा में एक बार में 20 से ज्यादा बच्चे नहीं पढ़ सेकेंगे साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी, राजस्थान में अभिभावकों से सहमति पत्र लेना अनिवार्य होगा. स्कूलों में प्रार्थना सभा का आयोजन नहीं होगा. तो वहीं तमिलनाडु में यह भी कहा गया है कि यदि स्कूलों में अतिरिक्त कमरे नहीं हैं तो छात्रों से एक दिन अंतराल करके स्कूल आने को कहा जाए. साथ में ऑनलाइन क्लासेज भी जारी रहेंगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button