मंत्री तुलसी सिलावट का बेतुका बयान, बैकफुट पर गई भाजपा, कांग्रेस बोली देना चाहिए ज्ञानपीठ पुरस्कार

मध्यप्रदेश/इंदौर – हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में बने रहने वाले जल संसाधन औऱ मछली पालन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालही में उन्होंने एक बेतुका बयान दिया हैं। जो अब प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया हैं।
मालूम हो कि सीएम शिवराज एक दिन के दौरे पर इंदौर पहुंचे थे। जहां जन्होने किसानों को लेकर बड़ी घोषणा की थी। इसी दौरान मंत्री तुलसी सिलावट बेतुका बयान दे बैठे, जिसके बाद जहां कांग्रेस ने उनका घेराव किया तो वहीं, भाजपा बैकफुट पर नज़र आई।
दरअसल, उन्होने मंच से मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा था कि सोयाबीन की फसल कोरोना वायरस की वजह से बर्बाद हुई हैं। जिसका मुआवजा सरकार देगी। लेकिन मंत्रीजी को ये नहीं मालूम है कि सोयाबीन की फसल पीले मोजेक रोग के कारण खराब हुई हैं। खास बात तो ये है कि दो दिन पहले ही तुलसी सिलावट ने खुद खेतों में जाकर फसलों का जायजा लिया था
मंत्री का ये बयान किसानों के बीच तो चर्चा का विषय बना ही कांग्रेस उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार देने की सलाह दे रही हैं।
इधर, बीजेपी उनके इस बयान के बाद बैकफुट पर नज़र आई। सांवेर से पूर्व विधायक राजेश सोनकर ने सफाई दी कि मंत्री जी फ्लो में ये बात बोल गए। उनका कहने का आशय ये था कि कोई वायरस है जिसकी वजह से फसलों को नुकसान हुआ हैं।




