फ़र्ज़ी कागजात के आधार पर आशा कार्यकर्ता की नौकरी कर रही महिला

बैतूल से अनिल कजोड़े की रिपोर्ट – आपने संजय दत्त अभिनीत फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस देखी होगी। इसमें डॉक्टर बनने के लिए चीटिंग की जाती है। अस्पताल के कई लोग जानते हुए भी खामोश रहते हैं। कुछ ऐसा ही फर्जीवाड़ा पूर्णा नगरी भैंसदेही में सामने आया है। यहां कोई मुन्ना भाई नहीं बल्कि असल जिंदगी में एक महिला द्वारा अपनी ही मृतक बहन के नाम से फर्जी कागज बनाकर आशा कार्यकर्ता की नौकरी हथिया ली गई है। इसकी शिकायत बुधवार को भैंसदेही निवासी मोनू तिवारी, शुभम तिवारी, मनोज घोड़की, शुभ राठौर, अमित उघडे ने पुलिस अधीक्षक से की है। शिकायत आवेदन में शिकायत कर्ताओं ने पूर्णा वार्ड क्रमांक 11 की निवासी रीता पति ऋषि घिघोड़े के खिलाफ फर्जी कागज के आधार पर आशा कार्यकर्ता की नौकरी करने का आरोप लगाया है। शिकायत कर्ताओं के मुताबिक इस फर्जीवाड़े में विभाग की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
शिकायत के बावजूद आज तक नहीं हुई कार्रवाई
शिकायत आवेदन में बताया गया कि रीता घिघोड़े पति ऋषि घिघोड़े वार्ड क्र 11 मां पूर्णा वार्ड भैंसदेहीं की निवासी है, जो अपनी मृतक बहन स्व वनिता सोलंकी के देहांत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर फर्जी कागजात बनवाकर भैंसदेही के वार्ड क्र 11 में आशा कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ है। जिनकी शिकायत वार्ड के निवासियों ने कलेक्टर, एस.डी.एम. भैंसदेही, तहसीलदार भैंसदेही, पुलिस थाना भैंसदेही, स्वास्थ्य विभाग भैंसदेही में विगत 6 मई को की थी। लेकिन इस मामले में आज दिनांक तक किसी भी अधिकारी ने गंभीरता बरते हुए कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठाई है इससे यह प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं अधिकारियों की मिलीभगत से ही इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। रीता शासन को गुमराह कर फर्जी कागजों के आधार पर अपनी बहन वनिता सोलंकी के नाम से आज भी नौकरी कर रही है। आवेदकों ने इस मामले में जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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