राजधानी में नयी रणनीति तैयार :पहले डोज़ से छूटे लोगों को ढूंढेगी बीएलओ की टीम

- 23 लाख 74 हजार 229 डोज लगाए गए
- वैक्सीनेशन की नई रणनीति
- पहले डोज़ से छूटे लोगों को ढूंढेगी बीएलओ की टीम
- वार्डों में स्थायी वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे
भोपाल में बुधवार शाम तक कुल 23 लाख 74 हजार 229 डोज लगाए गए है। इसमें से 17 लाख 31 हजार 748 लोगों को पहला डोज और 6 लाख 42 हजार 481 लोगों को दूसरा डोज लगा है। भोपाल अभी 2 लाख 18 हजार लोगाें ने पहला डोज नहीं लगाया है।बता दें की राजधानी में पहला डोज लगाने से छूटे लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए नई रणनीति बनाई गई है। अब शहर में बीएलओ की टीम मतदाता सूची से पहला डोज नहीं लगाने वाले करीब 2 लाख लोगों को ढूढेंगे।
वार्डों में स्थायी वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे
साथ ही सभी वार्डों में स्थायी वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे। ताकी वैक्सीन का पहला डोज लगाने से छूटे लोगों को 10 से 15 दिनों में वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। इस सर्वे का काम गुरुवार से टीम शुरू कर देंगी। इसको लेकर भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बुधवार को आईएसबीटी हॉल में नगर निगम, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। पुराना भोपाल, करोंद इलाका, नजीराबाद, गोविंदपुरा और बैरसिया के गांव के पहला डोज लगाने से छूटे 75 प्रतिशत लोग है। वहीं, बाकी 25% शहर के दूसर हिस्से के लोग है। इन लोगों को अब बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची से ढूंढ कर वैक्सीन लगाई जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया है कि नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में एक स्थायी वैक्सीनेशन सेंटर बनाया जाएगा। यहां पर सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक वैक्सीनेशन किया जाएगा।


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