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मंत्री मोहन यादव का विवादित पोस्ट, महात्मा गांधी को कहा फर्जी, 3 पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी बनाया निशाना, मचा बवाल

भोपाल : मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट पर प्रदेश में बवाल मच गया है। मंत्री मोहन यादव की इस पोस्ट पर राजनीति गरमा सकती है। बता दे कि मंत्री मोहन यादव इससे पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। जिसकी वजह से मंत्री जी को सार्वजनिक माफी मांगना पड़ी है। माना जा रहा है कि मोहन यादव को इस बार भी माफ़ी मांगनी पड़ सकती है। 

जानें क्या है पूरा मामला 

 

 

दरअसल,  उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने अपने फेसबुक पोस्ट पर एक पोस्ट करते हुए लिखा था की – गणतंत्र दिवस की परेड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे, सरदार वल्लभ भाई पटेल थे। परेड में ना तो देश के फर्जी पिताजी थे, ना ही देश के फर्जी चाचा थे, ना लोहे की महिला थी, ना ही कंप्यूटर के आविष्कारक थे । परेड में काशी विश्वनाथ झांकी थी, देवी वैष्णो देवी की झांकी थी, सनातन संस्कृति का नजारा था। मेरा देश सही में बदल रहा है, मेरा देश अंग्रेज़ी गुलामों के जबड़ों से निकल रहा है, मेरा देश सही में स्वतंत्र हो रहा है।

मोहन यादव ने अपने इस पोस्ट से बिना नाम लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को फर्जी कहा हैं। साथ ही नेहरू-गांधी परिवार पर भी तंज कसा है। उन्होंने 3 पूर्व प्रधानमंत्रियों पर बिना नाम लिए निशाना साधा हैं। 

कांग्रेस हुई हमलवार 

मंत्री मोहन यादव के इस विवादित पोस्ट पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। उज्जैन कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष रवि राय ने कहा कि ऐसा बयान देकर उच्च शिक्षा मंत्री समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं। गणतंत्र दिवस के पर्व पर इस तरह की पोस्ट की हम निंदा करते हैं। ये मानसिकता RSS, BJP और गोडसे की है। उन्होंने कहा कि मंत्री की गोडसे विचारधारा ने बता दिया कि वो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बारे में गलत कह रहे हैं।

इधर, इस पुरे मामले पर मंत्री मोहन यादव कोई भी प्रतिक्रिया देने से बच रहें है। जबकि भाजपा की तरफ से भी अभी कोई सफ़ाई नहीं आई है। लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सत्ताधारी भाजपा को धरने का काम शुरू कर दिया है। बहरहाल, अब देखना होगा की मोहन यादव का ये पोस्ट सियासत में क्या असर डालता है। 

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