उज्जैन : कांग्रेस नेता के खिलाफ 30 करोड़ 29 लाख के अवैध खनन का मामला दर्ज, जल्द होगी गिरफ़्तारी

उज्जैन : मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है जहां कांग्रेस नेता पर 30 करोड़ 29 लाख के अवैध खनन पर मामला दर्ज किया गया है। ये उज्जैन का अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है। बता दे कि लंबे समय से चले आ रहे इस मामले पर आखिरकार पुलिस ने बुधवार को मामला दर्ज किया। उज्जैन एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने बताया खनिज अधिकारी की ओर से शिकायती आवेदन के बाद कांग्रेस नेता दिनेश जैन पर 30 करोड़ 29 लाख रुपए की खनिज चोरी का मामला पुलिस ने दर्ज किया है इस मामले में शीघ्र ही जैन की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने धारा 379 और 414 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
ये है पूरा मामला
कांग्रेस नेता दिनेश जैन बोस ने महिदपुर तहसील के अंतर्गत बैपया गांव में खदान पट्टे पर ली थी। सर्वे नंबर 993/1 में 1 हेक्टेयर का पट्टा दिया गया था। यह बात न्यायालय में साबित हुई कि स्वीकृत क्षेत्र से अधिक जगह पर उन्होंने अवैध रूप से पत्थर गिट्टी और मुरम निकालकर रेलवे को बेची थी। मामले में उज्जैन एसडीएम ने 19 फरवरी 2016 को उन पर 30 करोड़ 29 लाख 25 हजार 600 रुपये का जुर्माना किया था। इस आदेश के खिलाफ बोस ने न्यायालय अपर आयुक्त उज्जैन संभाग में अपील दायर की थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक 57812 घनमीटर मुरम का अवैध उत्खनन किया गया। इसका बाजार मूल्य 1,15,62,400 का चार गुना 4,62,49,600 हुआ और 2,56, 676 घनमीटर क्षेत्र पर पत्थर गिट्टी अवैध उत्खनन किया गया। इसका बाजार मूल्य 6,41,69,000 स्र्पए का चार गुना 25,66,76,000 रुपए हुआ। इस तरह कुल 30 करोड़ 29 लाख 25 हजार 600 स्र्पए का जुर्माना किया गया।
वहीं, इस पुरे मामले पर उज्जैन के सहायक खनिज अधिकारी महेंद्र पटेल ने महिदपुर रोड पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज कराया। मामले में तत्कालीन अधिकारियों ने जांच कर प्रकरण बनाया। इसके बाद अवैध उत्खनन के लिए दिनेश जैन के खिलाफ प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। दिनेश जैन ने खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई और अर्थदंड को न्यायालय के सामने चैलेंज किया था।
वर्ष 2014 का केस
जानकारी के अनुसार ये पूरा घटनाक्रम वर्ष 2014 का है। जब कांग्रेस नेता दिनेश जैन ने गिट्टी, मुरम और पत्थर खनन के लिए जमीन एलॉट कराई थी, लेकिन जितनी जमीन उन्हें एलॉट की थी उससे कई गुना जमीन पर खुदाई कर ली गई। मामले की शिकायत के बाद खनिज विभाग ने जांच कराई। इसमें अवैध खनन की बात साबित हुई थी। इसमें करोड़ों की चपत सरकार को लगी थी।




