एमपी में कोरोना की रफ्तार हो रही कम, इन दिनों में नहीं मिले एक भी मरीज

एमपी में कोरोना की रफ्तार हो रही कम, इन दिनों में नहीं मिले एक भी मरीज
मध्य प्रदेश में कोरोना की रफ्तार कम हो चली है.इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और उनसे प्रदेश की कोरोना की स्थिति को लेकर चर्चा की.
मध्यप्रदेश में संक्रमण की दर लगातार कम हो रही है कई जिलों में कोरोना के एक भी नए मामले सामने नहीं आए.
प्रदेश के 25 जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड का एक भी मरीज नहीं मिला है. तीन जिलों में डबल डिजिट में कोरोना पॉजिटिव मामले जबकि 24 जिलो में सिंगल डिजिट में पॉजिटिव मामले आये सामने है.
इंदौर में 36 और जबलपुर में 13 नए संक्रमित मिले तो वहीं राजधानी भोपाल में 47 नए मामले सामने आए हैं. ग्वालियर प्रशासन को राहत मिली है क्योंकि ग्वालियर में एक भी कोरोना के मामले पिछले 24 घंटे में सामने नहीं आए.
मिला कोरोना क्या नया वेरिएंट डेल्टा प्लस!!:-
मध्यप्रदेश में अभी कोरोना की दूसरी लहर का कहर कम ही हुआ था की अब प्रदेश में कोरोना के नए स्वरूप डेल्टा प्लस की एंट्री हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) से इस महीने 15 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक एक सैंपल में वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट मिलने की खबर सामने आई हैं। राजधानी भोपाल के बाड़खेड़ा पठानी में 65 साल की एक महिला में ये नया वेरिएंट मिला हैं।
डेल्टा प्लस के मध्य प्रदेश राज्य में एंट्री की खबर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नींद उड़ी हुई हैं। हालांकि नए वेरिएंट के मिलने की पुष्टि अब तक अधिकारियों द्वारा नहीं की गई हैं।
वहीं, इस मामले में अभी भोपाल के सीएमएचओ प्रभाकर तिवारी का कहना है कि अभी तक उन्होंने रिपोर्ट देखी नहीं है, इसलिए इस मामले में कुछ भी खुलकर नहीं कहा जा सकता।
इधर, वैज्ञानिकों का मानना है कि Delta Plus ज्यादा संक्रामक और घातक हैं। अभी इस पर जांच की जा रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वेरिएंट से संक्रमण का फैलाव बहुत तेजी से होता है वही मोनोक्लोनल एंटीबॉडी से भी इस वेरिएंट पर कोई असर नहीं होता।
इसके अलावा उम्मीद ये भी जताई जा रही है कि वैक्सीन का भी असर मुमकिन है कि इस वेरिएंट पर बहुत कम ही हो।




