दुविधा में सचिन पायलट, जाए कहां, "यहां की वहां" CM गहलोत की नज़रे पायलट पर, खुफिया एजेंसियों देगी रिपोर्ट

राजस्थान : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तल्खी समय-समय पर देखने को मिल ही जाती हैं। दोनों की एक दूसरे से नाराज़ होने की खबरें भी लगातार सामने आ रहीं हैं।
इसी बीच शुक्रवार का दिन राजस्थान के लिए काफी रोचक होने वाला हैं। दरअसल, सीएम गहलोत ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और मंहगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया हैं। गहलोत की ओर से घोषित विरोध प्रदर्शन के लिए सभी विधायकों और जिले के नेताओं को पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह 11 बजे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा गया हैं।
वहीं इसी दिन सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की बरसी भी है, इसको लेकर हर साल एक कार्यक्रम दौसा में आयोजित किया जाता हैं। एक तरफ सचिन कुछ सालों से इस कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर मानते हैं. लेकिन अब बड़ी समस्या ये है कि वे दौसा में समर्थकों और विधायकों के साथ कार्यक्रम में जाएं या फिर कांग्रेस की ओर से घोषित विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनें।
इधर, सचिन पायलट के साथ ही अब उनके समर्थक विधायक भी असमंजस में हैं कि विरोध प्रदर्शन में जाएं या फिर दौसा के भडाना में आयोजित होने वाले पुण्यतिथि कार्यक्रम में।
खबरों की मानें तो सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक पहले दौसा जाएंगे। इसके बाद वो अपने समर्थक विधायकों के साथ गहलोत द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में जाएंगे।
इधर, सीमए गहलोत की नजर दौसा के कार्यक्रम पर भी रहेगी। वे इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे कि पायलट के समर्थक कितने विधायक और कितने समर्थक दौसा पहुंचते हैं। इस पूरी बात की जानकारी खुफिया एजेंसियों को देने के लिए कहा गया हैं।




