Congress ने की इसकी शुरुआत, तो अगले ही दिन हरकत में आई सरकार, CM चले कांग्रेसी की राह पर

मध्यप्रदेश/भोपाल – मध्यप्रदेश में राजनैतिक दलों को किसानों की चिंता एक बार फिर सताने लगी हैं। हालही में 1 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस ने पीसीसी में किसान हेल्प डेस्क की शुरुआत की हैं। इसमें किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर शिकायतें दर्ज हो रही हैं। किसान हेल्प डेस्क के प्रभारी दुर्गेश शर्मा का कहना है 1 दिन में हेल्प डेस्क पर सौ से ज्यादा किसानों ने बिजली बिल, खराब डीपी, अनाज खरीदी में गड़बड़ी, फसल बीमा योजना की खामियों से लेकर कई तरह के मामलों में शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं। 3 अप्रैल को कमलनाथ के दिल्ली से वापस लौटने पर किसानों से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा शुरू की गई किसान हेल्प डेस्क के बाद सत्ताधारी बीजेपी भी हरकत में आ गई हैं। सरकार ने भी कांग्रेस की राह पर चलने का फैसला लिया हैं। जिसके तहत आज सीएम शिवराज किसानों के साथ संवाद करेंगे। किसान संघ के बैनर तले लगने वाली किसान चौपाल में मुख्यमंत्री प्रदेश भर के 120 किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उसके समाधान पर विचार होगा।
किसान संघ के प्रांत संगठन मंत्री महेश चौधरी का कहना है प्रदेश में अब भी किसानों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा हैं। किसान संघ के प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता कल मुख्यमंत्री से किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर मांग पत्र सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों से कई जुड़े मुद्दे हैं। जिनके समाधान की सरकार के स्तर पर जरूरत हैं। फसल बीमा योजना की खामियां, फसल नुकसान के सर्वे को लेकर आने आने वाली अड़चनों, नामांतरण, मुख्यमंत्री खेत सड़क योजना समेत कई मुद्दों को लेकर किसान संघ की तरफ से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। उसके समाधान की मांग की जाएगी। किसान संघ के मुताबिक सीएम शिवराज पूरे डेढ़ घंटे तक किसानों के बीच रहेंगे और उन से चर्चा करेंगे।




