सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट के इस आदेश को किया रद्द, जानिए क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाई के इस आदेश को किया रद्द, जानिए क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली: सुप्रीमकोर्ट ने इंदौर हाइकोर्ट पीठ के एक विवादित आदेश को रद्द कर दिया। दरअसल उज्जैन में एक महिला के घर में घुसकर छेड़छाड़ के आरोपी विक्रम को जमानत देने के लिए इंदौर हाईकोर्ट ने 20 जुलाई 2020 को शर्ते तय की थी। कोर्ट ने कहा था कि आरोपी विक्रम को पीड़िता के घर जाकर उससे राखी बंधवानी होगी, साथ मे 11 हज़ार रुपए और मिठाई लेकर जाना होगा।
इस आदेश के खिलाफ वकील अपर्णा भट सहित 9 महिला वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।
जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर की बेंच ने ऐसे मामलों में जजों और वकीलों से संवेदनशीलता बरतने को कहा है। इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि जमानत के लिए राखी की शर्त रखते हुए छेड़छाड़ के आरोपी को न्यायिक आदेश के जरिए भाई बनाने का मामला पूरी तरह अस्वीकार्य है। ऐसी शर्त अपराध की भयावयता को हल्का करने का प्रयास कर रही है। निचली अदालतों को ऐसे तर्क, भाषा या फैसलों से बचना चाहिए, जो अपराध की भयावयता को कम करता हो या पीड़िता को दुर्बल बनाता हो।



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