किसान आंदोलन : योगेंद्र यादव का बड़ा बयान, अभी तो पूंछ निकली है, हाथी निकलना बाकी है

किसान आंदोलन : योगेंद्र यादव का बड़ा बयान, अभी तो पूंछ निकली है, हाथी निकलना बाकी है
- सरकार के साथ अगले दौर की वार्ता 4 जनवरी को तय.
- निर्णायक दौर में है आंदोलन.
नई दिल्ली/ राजकमल पांडे। मोदी सरकार के नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है. पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान पिछले 37 दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं. बीते दिनों सरकार और किसानों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें दो मुद्दों पर सहमति बनी थी. वहीं, सरकार ने अगले दौर के चर्चा के लिए 4 जनवरी को किसानों को बुलाया है. इसी बीच स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव का बड़ा बयान सामने आया है.
योगेंद्र यादव ने कहा है कि सरकार के साथ अगले दौर की वार्ता 4 जनवरी को होगी. अगर परिणाम संतोषजनक नहीं निकलते हैं तो 6 तारीख को केएमपी राजमार्ग पर मार्च किया जाएगा. 6 तारीख से 20 तारीख तक 2 हफ्ते पूरे देश में देश जागृति अभियान चलाया जाएगा.
किसानों के ये आंदोलन अब निर्णायक दौर में है, 30 तारीख की वार्ता के बारे में योगेंद्र यादव ने कहा कि अभी तो पूंछ निकली है, हाथी निकलना अभी बाकी है. एमएसपी को क़ानूनी अधिकार मिलने और तीनों कृषि क़ानूनों को खारिज करने पर सरकार टस से मस नहीं हुई है:
4जनवरी को वार्ता है, अगर परिणाम संतोषजनक नहीं निकलते हैं तो 6 तारीख को केएमपी राजमार्ग पर मार्च किया जा सकता है. वही 6 तारीख से 20 तारीख तक 2 हफ्ते पूरे देश में देश जागृति अभियान रहेगा.




