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मप्र चिकित्सा शिक्षा विभाग और एम्स भोपाल के बीच एमओयू करने पर बनी सहमति, एमबीबीएस के छात्रों को मिलेगा फायदा

मप्र चिकित्सा शिक्षा विभाग और एम्स भोपाल के बीच एमओयू करने पर बनी सहमति

 मध्य प्रदेश सरकार की एम्स भोपाल के सात आठ बिंदुओं पर एमओयू करने की सहमति कल बनी. चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसकी जानकारी दी. इस एमओयू के तहत इंच के विशेषज्ञ डॉक्टर गेस्ट फैकल्टी के रूप में मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस स्टूडेंट्स को पढ़ाएंगे. अभी सबसे पहले इसकी शुरुआत गांधी मेडिकल कॉलेज से की जाएगी.
 कल चिकित्सा शिक्षा मंत्री और इन गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन डॉक्टर वाई के गुप्ता ने एम्स में एमओयू करने पर सहमति जताई.

 एमओयू क्या है :-
एमओयू एक औपचारिक दस्तावेज में उल्लिखित दो या अधिक दलों के बीच एक समझौता है। यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन अनुबंध के साथ आगे बढ़ने के लिए पार्टियों की इच्छा को इंगित करता है।

 एम्स और गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के चिकित्सा छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से अपने सभी अनुभवों को साझा करेंगे.
 इसमें गेस्ट लेक्चर, ग्रैंड राउंड्स, केस प्रेजेंटेशन, जटिल बीमारियों के इलाज तकनीकी चिकित्सीय सहयोग, मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च के लिए कोलैबोरेशन, चिकित्सा क्षेत्र में बेस्ट प्रैक्टिसेज का आदान-प्रदान पेशेंट सेफ्टी एवं रेशनल एंटीबायोटिक उपयोग जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाएगा.

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