किसान आन्दोलन:- गाजीपुर बॉर्डर पर बढ़ रही किसानों की संख्या,इन्टरनेट बंद, गाजियाबाद विधायक पर साजिश रचने का लगा आरोप,

किसान आन्दोलन:- गाजीपुर बॉर्डर पर बढ़ रही किसानों की संख्या,इन्टरनेट बंद, गाजियाबाद विधायक पर साजिश रचने का लगा आरोप,
नई दिल्ली/गरिमा श्रीवास्तव :– कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर से लगातार किसानों का आंदोलन जारी है.इस वक्त राकेश टिकैत की अपील के बाद किसानों का गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचने का सिलसिला जारी है. बीते 36 घंटों में आंदोलन स्थल का दायरा करीब 4 गुना बढ़ गया है और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़कर 8000 से 10000 तक पहुंच गई है. 26 जनवरी की घटना के बाद जो तंबू उखड़ने शुरू हो चुके थे शुक्रवार को फिर से लगने शुरू हो गए हैं. आंदोलन स्थल पर पूरा नजारा बदल चुका है.. राकेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसानों ने सम्मान के साथ आंदोलन शुरू किया था.अपने सम्मान को आगे भी बरकरार रखा जाएगा ।किसानों पर पत्थर नहीं फूल बरसाए जाएंगे.किसानों को बदनाम करने की दो बड़ी साजिश नाकाम हो गई है.ऐसे में किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ जंग को किसान जीत कर जाएंगे.
वहीं इसी बीच गाजियाबाद के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर फिर विवादों की वजह से चर्चा में हैं.उन पर आरोप है कि विधायक प्रशासन के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं. वहीं विधायक का कहना है कि राकेश टिकैत के आरोप झूठे हैं वह जेल जाने से बचने के लिए मुझ पर आरोप लगा रहे हैं.
इस वक्त गाजीपुर बॉर्डर पर बढ़ती भीड़ के बाद इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. यूपी गेट पर 3000 से ज्यादा सुरक्षा बल तैनात हैं…
वही कल् यानि शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर एक बार फिर हालात बिगड़ गए. इस दौरान ग्रामीणों प्रदर्शनकारियों और पुलिस वालों के बीच संघर्ष हुआ. सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हुई जिसमें एक प्रदर्शनकारी हाथ में तलवार लेकर पुलिसकर्मी पर हमला करने का प्रयास कर रहा है. सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े दिग्गजों ने इस तस्वीर को साझा किया और यह बात कही कि किसान ने पुलिस पर तलवार से हमला किया.

इस मामले को लेकर एबीपी न्यूज़ के पत्रकार अभिनव पांडे ने ट्वीट करते हुए कहा कि इस तस्वीर को लेकर बड़े-बड़े पत्रकारों ने लिखा कि किसान ने पुलिस पर तलवार से हमला किया मगर मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि वीडियो किसी ने नहीं देखा होगा..हुआ यूं था कि बाहरी गुंडे टेंट के अंदर जाकर गाली गलौज कर रहे थे. तो फिर डराने के लिए इस प्रदर्शनकारी ने तलवार निकाला, फिर वह वापस जाने लगा. गाली देने वालों को पुलिस ने कुछ नहीं कहा.. मगर टेंट के अंदर उस व्यक्ति नें पहला कदम भी नहीं रखा था कि पुलिस ने इसे बाहर घसीट लिया इसी दौरान पुलिस वाले तलवार पकड़कर खींचने लगे और एक एसएचओ का हाथ कट गया.. फिर इसे गिरा कर पुलिस और बाहरी लोगों ने मिलकर इतनी बेरहमी से मारा कि पूछिए मत… पत्रकार होने के नाते हमारा फर्ज है कि हम लोगों को सही बात बताएं सच्ची तस्वीर पेश करें मगर अब आंखों पर एजेंडे की ऐसी पट्टी चढ़ी है कि सच ना देखना चाहते हैं ना बताना…
वहीं अन्ना हजारे ने कृषि कानूनों के खिलाफ अपना प्रस्तावित अनशन अब नहीं करने का फैसला लिया है.


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