बड़वाह : खेत-तालाब को बनाया मछली पालन का जरिया

बड़वाह/खरगोन/लोकेश कोचले – बड़वाह जनपद में गलगांव के कक्षा 10वीं उत्तीर्ण किसान प्रेमचंद कुछ ना कुछ नया करते रहते है। इस बार उन्होंने खेत-तालाब को मछली पालन का जरिया बनाया है। इस जरिऐ से अभी 3 माह में उन्हें 11 हजार रूपए का मुनाफा भी हुआ। प्रेमचंद बताते है कि अभी मुझे इस खेत-तालाब से 4 से 5 क्विंटल और मिलने की संभावना है। गत दिसंबर 2019 को खेत-तालाब स्वीकृत हुआ था। स्वीकृति के बाद मजदूरों से खुदाई का कार्य प्रारंभ हुआ। 36 मीटर लंबाई-चौड़ाई और 3 मीटर गहरे खेत-तालाब में जून 2020 में पूर्ण होने के बाद 1 हजार रूपए के 3 हजार मछली बीज खरीदे और तालाब में छोड़े। इसके बाद फिर जून में ही 70 हजार बीज मछली पालन के उद्देष्य से छोड़े गए। सितंबर माह में प्रेमचंद ने इस तालाब से 1.24 क्विंटल मछली का उत्पादन लेकर तकरीबन 11 हजार रूपए का मुनाफा लिया है। वे बताते है कि षेष बीज भी 6 महीनें में करीब 2-2 किलो की मछली हो जाने पर बेचेंगे।
1 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई के लिए मिला था खेत-तालाब
प्रेमचंद बताते है कि उनके पास कुल 1 हेक्टेयर भूमि है। वे कुंए से सिंचाई करते रहे है, जिसमें गर्मी में भी पर्याप्त पानी रहता है। बारिष में तो फसल मानसून से हो जाती है। इसलिए सोचा कि इसमें मछली पानी का प्रयोग करके देखा जाएं। उनका प्रयोग सफल हुआ और अब मछली पालन भी करने का मन बना लिया है। मनरेगा के परियोजना अधिकारी श्याम रघुवंषी ने बताया कि इस खेत-तालाब की कुल लागत 2.64 लाख रूपए है। इसमें 21 हजार 933 रूपए की मजदूरी और 42 हजार रूपए सामग्री के लिए दिए गए है।

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