केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को अब 5 जोन में बंटा , जानिए क्या है इनका मतलब

दिल्ली (Delhi) – : केंद्र सरकार(Central Government) ने लॉकडाउन(Lockdown) 31 मई तक बढ़ा दिया है। और केंद्रीय गृहमंत्रालय(Home Ministry) की ओर से गाइड लाइन भी जारी कर दी गई है। अब से पूरे देश को पांच(5) जोन में बांटा गया है। ये जोन हैं -रेड जोन (Red Zone), ग्रीन जोन(Green Zone), ऑरेंज जोन (Orange Zone), कन्टेनमेंट जोन (Containment Zone) और बफर जोन (Buffer Zone). लॉकडाउन- 3 के टाइम देश को 3 जोन में बांटा गया था। अब 2 जोन और जोड़े गए हैं। कोरोना(Corona) वायरस के केस सामने आने के हिसाब से राज्य तय करेंगे कि उन्हें कहां कौन सा जोन लगाना हैं। साथ ही राज्य ही तय करेंगे कि किस जोन में किस तरह की पाबंदियां रहेंगी और किस तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
रेड जोन (Red Zone) -: वे इलाके जहां कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं या आ रहे हैं,उसे सरकार ने रेड जोन में रखा है। यहां पर सख्त पाबंदियां लागू रहेगी और आगे भी जारी रहेंगी। लोगों को घरों में ही रहने होगा, सिर्फ जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल सकते हैं। 10 साल से छोटे और 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को घरों से बाहर निकला बंद रहेगा।
ऑरेंज जोन(Orange Zone) -: ऑरेंज जोन में वे इलाके हैं जहां कोरोना के केस तो सामने आ रहे हैं, लेकिन लगातार सुधार भी हैं। स्थानीय प्रशासन ने यहां कई तरह की छूट दी जा सकती है।
ग्रीन जोन(Green Zone) -: ग्रीन जोन वे इलाके हैं जो कोरोना संक्रमण से मुक्त हैं। यहां के लोगों की जिंदगी बाकी जोन की तुलना में बहुत आसाना है। लगभग सभी तरह की सुविधाएं चालू हैं। लेकिन लोगों को बाहर निकलने पर मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।
कन्टेनमेंट जोन(Containment Zone) -: यह ऐसे इलाके हैं जहां कोरोना संक्रमण केस में लगातार उतार-चढ़ाव आ रहा है। यानी कभी नए केस कम आ रहे हैं तो कभी बहुत ज्यादा केस आ रहे हैं। बफर जोन(Buffer Zone) -: बफर जोन वे जिले हैं जो रेड जोन वाले जिले से सटे हैं। सरकार को आशंका है कि इन जिलों पर ढिलाई करने पर पड़ोस के जिले के रेड जोन का असर यहां भी हो सकता है। इसलिए ऐसे जिलों को अलग जोन में बांटकर नजर रखी जा रही है, ताकि यहां नए केस आने से बचाया जा सके।




