बुंदेलखंड पैकेज घोटाला: क्या अब फस जाएंगे शिवराज? EOW ने की बड़ी कार्यवाही

- बुंदेलखंड पैकेज घोटाले में EOW ने कसा शिकंजा
- अफसरों और कर्मचारियों पर है ये गंभीर आरोप
- अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रही है EOW
- जल्द सभी आरोपियों को किया जाएगा गिरफ्तार
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड पैकेज (Bundelkhand Package) के नाम पर हुए घोटाले को लेकर अब ईओडब्ल्यू (EOW) ने शिकंजा कस दिया हैं। दरअसल बुंदेलखंड के विकास के लिए यूपीए सरकार ने साढ़े तीन हजार करोड़ का पैकेज दिया था। इस पैकेज के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, बांध, सिंचाई, पेयजल, परिवहन, सड़क, वन का विस्तार सहित कई विकास कार्य होने थे। लेकिन पैकेज के तहत मिली सरकारी राशि का जमकर दुरुपयोग हुआ। बताया जा रहा है कि सामान खरीदने से लेकर निर्माण कार्य तक हर काम में मनमानी की गई।
बुंदेलखंड पैकेज घोटाले में अब ईओडब्ल्यू (EOW) ने शिकंजा कस दिया हैं। ईओडब्ल्यू (EOW) ने एक साथ दो अलग-अलग प्राथमिकी जांच दर्ज कर फॉरेस्ट और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को टारगेट पर लिया हैं।
ईओडब्ल्यू (EOW) के अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों विभाग के अफसरों और कर्मचारियों पर आरोप है कि इन्होने प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर बुंदेलखंड पैकेज के तहत मिली करोड़ों की राशि में भ्रष्टाचार किया हैं। इन विभागों के जरिए कागजों पर विकास कार्य दिखाए गए। बिना काम के बिलों से करोड़ों का भुगतान जारी किया गया। बता दे कि ईओडब्ल्यू के अधिकारी प्राथमिक जांच को दर्ज कर आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रहे हैं। दोनों विभाग से तमाम दस्तावेजों को एकत्रित किया जा रहा हैं।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड पैकेज में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच की गई। इन शिकायतों में तमाम विभागों पर गंभीर आरोप थे। यह पहली बार हुआ है, जब बुंदेलखंड पैकेट में किसी एजेंसी ने जांच के बाद कार्रवाई की हैं। कहा जा रहा है कि इसी प्राथमिकी जांच को एफआईआर में तब्दील कर आरोपियों की धरपकड़ भी जल्द की जाएगी।




