विंध्य प्रदेश बनने को लेकर फिर गरमाई सियासत, विधानसभा अध्यक्ष ने कही ये बात
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विंध्य प्रदेश बनने को लेकर फिर गरमाई सियासत, विधानसभा अध्यक्ष ने कही ये बात
भोपाल:- मध्यप्रदेश में विंध्य प्रदेश बनने की मांग को लेकर सियासत गरमाती रही है एक बार फिर से इसे लेकर सियासत शुरू हो चुकी है.
अलग विंध्य प्रदेश को लेकर गरमाई सियासत के बीच विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि विंध्य प्रदेश का गठन होना चाहिए,इसका विरोध कौन कर रहा है?
इसके साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि कुछ लोग मध्यप्रदेश के नाम पर अपनी टीआरपी चमकाने का काम कर रहे हैं. फिलहाल वर्तमान में चल रहे आंदोलन की दिशा ठीक नहीं है.
रविवार को मीडिया से चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि रायशुमारी के बाद ही कुछ निर्णय हो सकेगा विंध्य क्षेत्र पिछड़ेपन का शिकार अब नहीं है.इंदौर सहित दूसरे शहरों के मुकाबले यूपीएससी परीक्षा में चयनित क्षेत्र के अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या इसकी पुष्टि करता है.
बता दें कि मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी विंध्य प्रदेश के गठन को लेकर काफी मुखर रहे हैं, उन्होंने कई बार सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की बात कही। साथ ही आंदेालन की भी चेतावनी दी है, विंध्य प्रदेश के गठन की मांग उनके द्वारा लगातार की जा रही है।
पूर्व में जब विंध्य प्रदेश की मांग मैहर विधायक ने उठाई थी तो कई वरिष्ठ भाजपा नेता उनसे नाराज हुए थे जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने उनसे चर्चा की थी.
नारायण त्रिपाठी कई बार यह बयान दे चुके हैं कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी देश में छोटे राज्य बनाए जाने का सर्मथन करते रहे हैं. त्रिपाठी ने कहा था कि अटलजी ने भी विंध्य प्रदेश का समर्थन किया था. क्योंकि वे राज्यों के विकास के लिए उन्हें छोटा करने के पक्षधर थे. नारायण त्रिपाठी लगातार प्रदेश में विंध्य अंचल की उपेक्षा का आरोप लगाकर विंध्य प्रदेश बनाने की मांग करते रहें हैं.
अब एक बार फिर बंद प्रदेश को लेकर सियासत गर्म आ चुकी है आगे देखना होगा कि इसे लेकर क्या कुछ फैसला किया जाता है.




