देवास : गेहूं बेचने लाईन में लगा रहा किसान, गेहूं तो नहीं बिकी पर जान जरूर चली गई

देवास
एक तरफ जहां देश 2020 में कोरोनावायरस त्रासदी और लॉक डाउन जैसे समस्याओं से परेशान है। तो वहीं दूसरी तरफ इस देश का गरीब किसान बेमौत मर रहा है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के देवास जिले का है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर जगह अपना प्रचार प्रसार करते फिरते हैं कि इस साल गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। लेकिन किसानों की सुविधा का कितना ख्याल रखा गया है और गेहूं की कितनी बिक्री हुई है इस बात का अंदाजा आप इसी से लगाएं कि देवास जिले की मंडी में अपने गेहूं बेचने के लिए आए 2 किसानों की लाइन में मौत हो गई।
यह दोनों किसान अपना गेहूं बेचने खरीदी केंद्र में कई दिनों से लाइन में लगे थे। यहां किसी तरह की सैनिटेशन की या कोरोना वायरस से लड़ने के उपाय नहीं किए गए थे पुलिस जॉब इन दो किसानों की मौत किस वजह से हुई इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है।
गेहूं की तुलाई का इंतज़ार करते देवास ज़िले में एक किसान की मौत. आमोना गाँव के जयराम मंडलोई दो दिन से बारी का कर रहे थे इंतज़ार. रात में दिल का दौरा पड़ने से जान गयी. तुलाई केंद्रो पर किसान की मौत का दूसरा मामला @ABPNews @ChouhanShivraj @KamalPatelBJP @KedarSirohi @jitupatwari pic.twitter.com/49gWpQ4xSu — Brajesh Rajput (@brajeshabpnews) June 1, 2020 “>http:// गेहूं की तुलाई का इंतज़ार करते देवास ज़िले में एक किसान की मौत. आमोना गाँव के जयराम मंडलोई दो दिन से बारी का कर रहे थे इंतज़ार. रात में दिल का दौरा पड़ने से जान गयी. तुलाई केंद्रो पर किसान की मौत का दूसरा मामला @ABPNews @ChouhanShivraj @KamalPatelBJP @KedarSirohi @jitupatwari pic.twitter.com/49gWpQ4xSu — Brajesh Rajput (@brajeshabpnews) June 1, 2020
बहरहाल प्रशासन का कहना है कि इन दोनों किसानों की मौत हृदयाघात यानी की हार्ट अटैक से हुई है इनमें करना कि कोई भी लक्षण नहीं पाए गए। किसानों की इस बदहाल अवस्था का जिम्मेदार कौन है इसका जवाब तो सीएम शिवराज ही दे पाएंगे। लेकिन अभी तो फिलहाल यही कहा जा सकता है कि खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए व्यवस्था नाम मात्र के ही बची हुई है।




