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गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित एकमात्र पार्क की जमीन लघु उद्योग भारती को दिए जाने का मामला एनजीटी पहुंचा

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लेखक: thelokniti
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विंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 10000 वर्ग फिट में निर्मित एकमात्र पार्क की जमीन आरएसएस की संस्था लघु उद्योग भारती को दिए जाने का मामला एनजीटी पहुंच गया है।

गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र  में निर्मित एकमात्र पार्क की जमीन लघु उद्योग भारती को दिए जाने का मामला एनजीटी पहुंचा

मध्यप्रदेश/भोपाल:
गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 10000 वर्ग फिट में निर्मित एकमात्र पार्क की जमीन आरएसएस की संस्था लघु उद्योग भारती को दिए जाने का मामला एनजीटी पहुंच गया है। एनजीटी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए एमएसएमई विभाग के सचिव, उद्योग आयुक्त, लघु उद्योग भारती के डायरेक्टर और जनरल मैनेजर जिला उद्योग केंद्र से जवाब मांगा है इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट और एमपीपीसीबी के एक प्रतिनिधि को मिलाकर जांच समिति भी गठित की है। समिति को मौके का निरीक्षण कर 6 हफ्तों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

 

याचिकाकर्ता हाकिम रघुवंशी के अधिवक्ता अभिमन्यु श्रीवास्तव, कुलदीप रघुवंशी ने बताया कि गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित इको जोन पार्क की 10582 वर्ग फीट जमीन लघु उद्योग भारती संस्था को दी गई है। और उस पर अत्यंत तेजी से ऑफिस का निर्माण कार्य चल रहा है जबकि यह जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के लिए थी। अब उस जगह लगे पेड़ काटे जाएंगे और निर्माण किया जाएगा। इससे वहां के इकोसिस्टम और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचने की संभावना है। जिस कारण याचिकाकर्ता में औद्योगिक क्षेत्र में बने एक मात्र पार्क को बचाने हेतु माननीय एनजीटी भोपाल की शरण में आये हैं।

गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में लघु उद्योग भारती का कार्यालय और प्रशिक्षण केन्द्र पार्क की जगह पर बनाया जा रहा है, जिसकी देखरेख गोविंदपुरा के उद्योगपति पिछले करीब 50 साल से करते आ रहे हैं। इस पार्क में शमी के 50 वर्ष पुराने 10 पेड़ सहित कई बड़े पेड़ लगे है। करीब 750 एकड़ में यह एकमात्र पार्क है जहां अच्छी हरियाली है। इस संबंध में गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने क्षेत्रीय विधायक से लेकर महापौर, एमएसएमई मंत्री, सचिव सहित सरकार तक अपनी बात पहुंचाई थी। इसके साथ कोर्ट में भी केस लगाया था। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया था। लेकिन प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा में भवन का शिलान्यास करवा दिया। बाद में एसोसिएशन ने कोर्ट से अपना केस वापिस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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