सायबर जालसाजों से बचने के लिए राज्य सायबर सेल ने जारी की एडवाजरी
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- सायबर जालसाज बच्चों को बना रहे ठगी का मोहरा
- स्टेट सायबर सेल ने कहा बच्चों को बिना सिम का मोबाइल दें
- ऑनलाइन गेम्स के जरिय बच्चे होते है ठगी का शिकार
भोपाल/प्रियंक केशरवानी :- देश में इन दिनों ऑनलाइन गेम खेलने की होड़ मची हुई है और आए दिन हमको यह खबर सुनने में आजाती है कि कोई न कोई ऑनलाइन ठगी का शिकार भी हुआ है. अधिकतर मामलों में बच्चों द्वारा गेम में ऑनलाइन शिकार होने की खबर आती है और यह शिकायत लगातार दिन पर दिन भढ़ती ही जा रही है बच्चों के परिजन सायबर सेल में शिकायत ले कर पहुँचते है कि उनके बैंक अकाउंट से हजारों लाखों रूपए निकाल लिए गए है और जब जांच होती है तो पता चलता है कि ये काम गेम के माध्यम से हुआ है, इसको देखते हुए राज्य सायबर सेल ने एक एडवायज़री जारी की जिससे बच्चों को ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है।
कैसे होती है ऑनलाइन पेमेंट और क्यों!
आजकल ऐंसा देखा जा रहा है कि, बच्चों में ऑनलाइन गेम्स खेलने की होड़ लगी हुई है ऑनलाइन गेम्स खेलने के दौरान बच्चे इस तरह के लोगों के सम्पर्क में आते है. जो गेम्स में अगले लेवल में जाने के लिए हथियार, कपड़े, व् अवतार आदि खरीदने के लिए उकसाते है.जिसके लिए बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पैसा देना होता है जो की वह अपने माता-पिता के ही मोबाईल नंबर पर आता है और उसी मोबाइल से बच्चे गेम खेलते है जिससे पैसे ट्रांसफर करने में उन्हें समय नहीं लगता और जब तक माता-पिता को पैसे कटने की जानकारी लगती है, उनका कई हजारों का नुकसान हो चुका होता है।
बच्चों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए एडवायज़री
सायबर जालसाज बच्चों को ऑनलाइन गेम के जरिए बना रहे शिकार, इसके लिए हो सके तो उनको मोबाइल न दें अगर ऑनलाइन क्लास के लिए मोबाइल दे भी तो बिना सिम कार्ड का मोबाइल दें.साथ ही वाई-फाई से इंटरनेट इस्तेमाल करने दें, और जिस सिम में बैंक अकाउंट जुड़ा हुआ है उसे मोबाइल में नहीं रहने दे.
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