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सिहोरा : जब शिक्षक नही कोरोना योद्धा,तो कोविड सेंटर पर ड्यूटी क्यों?

सिहोरा : जब शिक्षक नही कोरोना योद्धा,तो कोविड सेंटर पर ड्यूटी क्यों?
 राज्य शिक्षक संघ ने किया विरोध, कलेक्टर को ज्ञापन भेज कर दर्ज कराई अपनी आपत्ति
शिक्षकों को नहीं दिया गया कोरोना योद्धा का सम्मान
द लोकनीति डेस्क सिहोरा
जिला प्रशासन द्वारा शिक्षक संवर्ग को ग्राम एवं नगर स्तर पर बाहर से आ रहे लोगों को रखने के कोविड सेंटरों में जिम्मेदारी दिए जाने का राज्य शिक्षक संघ जबलपुर ने विरोध किया है। संघ का कहना है कि जिन भी शासकीय/अशासकीय कर्मचारियों की सेवाएं कोविड से कार्यो में ली जा रही है उन्हें सरकार ने कोरोना योद्धा घोषित किया है, जबकि शिक्षक संवर्ग कोरोना योद्धा की श्रेणी से बाहर है।
           संघ के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी ने कलेक्टर जबलपुर को प्रेषित अपने ज्ञापन पत्र में आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि ग्राम स्तर पर कोविड सेंटर बनाए जा रहे है जिसमें बाहर से गाँव आ रहे लोगो को आइसोलेशन में रखा जाना है। ये केंद्र शासकीय शाला भवनों में बनाए जा रहे हैं।जिले की अनेक जनपद पंचायतों ने इन आइसोलेशन सेंटर में शिक्षक संवर्ग की भी ड्यूटी लगाई है जो पूर्णतः गलत है। कोरोना से जुड़े सारे कार्यो में केवल शासन द्वारा घोषित कोरोना योद्धा ही सेवाऐं दे रहे है ।जब शिक्षक संवर्ग कोरोना योद्धा नही है तो उसकी जान से खिलवाड़ प्रशासन को नही करना चाहिए।
वैक्सीन भी नही लगाई गई : 
सरकार ने सभी कोरोना के फ्रंटलाइन वर्कर को वैक्सीन लगवाई चाहे वे किसी भी उम्र के हों। इसमे भी शिक्षक को शामिल नही किया गया था।जिन भी शिक्षकों को वैक्सीन लगी वह आम लोगो के लिए तय आयु के अनुसार ही लगी।
   संघ के ब्रजेश पटेल, रमेश झारिया, मनमोहन राय, अजय खरे, अरविंद उपाध्याय, तुलसी ठाकुर, राजकुमार साहू,चंद्रप्रकाश चौहान आदि ने कलेक्टर महोदय से ऐसे आदेशों को निरस्त कराने की मांग की है।

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