"शिव राज" और उनके घोटाले! पिछड़ गया मध्यप्रदेश? Congress आई हरकत में, शुरू हुई इस "बड़े घोटाले" की जांच

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश की पूर्व बीजेपी सरकार के खिलाफ अब तक कई घोटाले के खुलासे हो चुके हैं। इसी कड़ी में अब एक और बड़ा घोटाला निकलकर सामने आया हैं। इस घोटाले को लेकर अब कमलनाथ सरकार इसकी जांच करने की तैयारी में जुट गई हैं। बता दे कि कमलनाथ सरकार अब ‘बुंदेलखंड पैकेज’ के नाम पर हुए घोटाले को लेकर पूर्व बीजेपी सरकार पर शिकंजा कसने को तैयार हैं।
मप्र कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने बताया कि हमारे वचन-पत्र में दिए गए वचन के अनुसार, हम प्रदेश में हुए सभी पुराने घोटालों की जांच करा कर दोषियों को दंडित कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बुंदेलखंड पैकेज की जांच आर्थिक अपराध ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) से करवाने का फैसला, भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को दंडित करने की हमारी उसी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक हैं।
शोभा ओझा ने इस बात का आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार में ‘बुंदेलखंड पैकेज’ में हुए कथित घोटाले की जांच नहीं कराई गई, जिसके चलते इस घोटाले के आरोपी बेनकाब नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीति, नीयत और भ्रष्टाचार के चलते पूरा पैकेज घोटाला की भेंट चढ़ गया था। घोटाला उजागर होने के बाद इसकी कोई गंभीर जांच नहीं कराई थी। अब मप्र सरकार ने मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपा है।
शोभा ओझा ने बताया कि ईओडब्ल्यू ने इसकी जांच शुरू कर दी हैं। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। योजना से जुड़े दस्तावेजों की माने तो 5 टन के पत्थर स्कूटर से ढोए गए थे। पन्ना और छतरपुर में खुलासा हुआ था कि विभाग ने अपने कामों के लिए जिन वाहनों का इस्तेमाल ट्रक, डंपर के रूप में बताया। वे दरअसल मोटरसाइकिल और स्कूटर थे।
इतने करोड़ का हुआ घोटाला
मप्र के बुंदेलखंड को केंद्र से विशेष पैकेज के रूप में 3860 करोड़ रुपए मिले थे। इसमें से चार साल में दतिया समेत सागर संभाग को 3226 करोड़ रुपए मिले। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार इस राशि में से 2800 करोड़ रुपए विभिन्न विभागों द्वारा बतौर एजेंसी व्यय किए गए। आरटीआई से मिली जानकारी, कार्यों व खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता, मजदूरी के भुगतान में हुई गड़बड़ियों आदि के आकलन के आधार पर करीब 80 प्रतिशत यानी करीब 2200 करोड़ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए।
यूपीए की पूर्व केंद्र सरकार के कार्यकाल में बना था “बुंदेलखंड पैकेज”
साल-2009 में यूपीए की पूर्व केंद्र सरकार के कार्यकाल में बुंदेलखंड के पिछड़े इलाकों को विकसित बनाने के लिए बुंदेलखंड पैकेज बनाया गया था। जिसमें 7 हजार 2 सौ 26 करोड़ रुपए की कुल राशि में से मप्र के हिस्से में 3 हजार 8 सौ 60 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। जिनके द्वारा मप्र के हिस्से में आने वाले बुंदेलखंड के पिछड़े जिलों का विकास किया जाना प्रस्तावित था।




