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सचिव भार्गव ने जिला पंचायत के सभागार में कोविड-19 संक्रमण रोकने की दिशा में प्रशासन द्वारा किये गए प्रयासों को सराहा

धार – Collector Dhar आलोक कुमार सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से की जा रही कार्यवाहियों की सिलसिलेवार जानकारी प्रदान की। स्वास्थ सचिव ने जोड़ा कि इलाज की व्यवषय और बजट की कोई कमी नहीं है लेकिन आमजन स्वयं प्रयास करे कि मास्क, सोशल डिस्टेंगसिग औऱ प्रॉपर सेनेटाइजेशन के माध्यम से अपने को संक्रमण से दूर रखें ताकि इलाज की नौबत ही न आये। स्वास्थ सचिव ने किल कोरोना अभियान, गर्भवतियों के रजिस्ट्रेशन, बच्चो के टीकाकरण आदि के बारे में भी मालूमात किया। दोहराया की जिले में संक्रमण की रोकथाम की दिशा में अच्छा काम हुआ है पर आमजन सतर्कता रखे।

         इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने एकलव्य कोविड केयर सेंटर तथा जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सत्यनारायण दर्रो, सिविल सर्जन डॉ अनुसुईया गवली तथा जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ संजय भण्डारी साथ थे। सर्वप्रथम श्री भार्गव ने एकलव्य कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने वहां के रूम्स, पानी की व्यवस्था तथा कोविड पेशेंट्स को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में सिविल सर्जन से जानकारी ली तथा उन्होंने वहां पर लगे बेड्स के बीच ज्यादा दूरी रखने के लिए कहा। तत्पश्चात उन्होंने कोविड पेशेंट्स के इलाज में लगे डॉ हेमन्त नरगावे व उनकी टीम से चर्चा कर पेशेंट्स की दिनचर्या के बारे में पूछा और उन्हें पेशेंट्स को व्यायाम व मनोरंजन करवाने के लिए कहा। डॉ हेमन्त नरगावे ने उन्हें बताया कि कोविड-19 के पॉजिटिव पेशेंट्स का कोविड सेंटर पर अपनो सा व्यहार कर उनकी देखभाल की जाती है। पॉजिटिव केसेज़ जैसे ही सेंटर पर पहुँचते है उन्हें 10 दिवसीय जरूरती दवाई एक साथ दे दी जाती है। इसके पश्चात सर्वप्रथम प्रतिदिन उन्हें प्रातः काल व्यायाम करवाया जाता है, इसके बाद उन्हें नाश्ते में दूध-बिस्किट, पोहा, आलूबड़ा व अन्य सामग्री दी जाती है, इसके बाद आयुष विभाग द्वारा निर्मित काढ़े का सेवन करवाया जाता है। इसके बाद उन्हें दिन में भोजन, शाम को काढ़ा, चाय व रात में भोजन कराया जाता है। पेशेंट्स के मनोरंजन के लिए सेंटरों में टेलीविजन भी लगाया गया है, जिससे उन्हें घर जैसा माहौल मिलता रहे। छोटे बच्चो के लिए ड्राइंग बनाने की भी व्यवस्था की गई है, जिससे बच्चो का भी मनोरंजन होता रहे।

       श्री भार्गव ने जिला चिकित्सालय पहुँचकर वहाँ के स्लीप काउंटर पर जाकर वहां की पूर्ण प्रोसेस के बारे में जानकारी ली। श्री भार्गव ने चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान सोशल डिस्टेंगसिग न दिखने पर सीएमएचओ के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यहां गार्डो की तैनाती की जाए जिससे सोशल डिस्टेंगसिग का पालन करवाया जा सके। इसके पश्चात श्री भार्गव ने सीजर वार्ड, डायलिसिस वार्ड, एन आर सी वार्ड का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जाना। श्री भार्गव ने चिकित्सालय में उपस्थित मरीजों के परिजनों तथा एडमिट मरीजो से चर्चा कर उनसे चिकित्सालय की व्यवस्थाओं तथा उन्हें मिलने वाले भोजन के बारे में जाना।

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