1 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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क्या राजनीतिक पार्टियां JNU मसले पर सेक रही है अपनी रोटियां ?

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नई दिल्ली से गरिमा श्रीवास्तव की रिपोर्ट :- कल रात हुए भयावह हिंसा का शिकार बने JNU के छात्र AIIMS में भर्ती हैं , दुर्घटना से पूरे देश को बहुत आहत पहुंचा।

बता दे की बीते रात JNU कैंपस में नकाबपोशो ने प्रवेश लिया। जहां उनके हाथों में हथियार थे ,और फिर वह छात्रों पर हमला करते हैं। हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष बुरी तरह घायल हो गईं। लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक यह क्या हो रहा है ,अभी वह किसी आने वाली आपदा से खुद को बचाने की तैयारी करते की नकाबपोशों ने बड़ी ही बेरहमी से उनपर हमला किया। नकाबपोश लोगों ने छात्रों के साथ-साथ प्रोफेसरों पर भी हमला किया। और चारों तरफ लहू की गंगा बहा दी।

राजनेताओं और सरकार की प्रतिक्रिया:-

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी घायल छात्रों से मिलने ट्रामा सेंटर पहुँची। उनके साथ दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा भी छात्रों से मिलने पहुंचे।

वही वित्त मंत्री और विदेश मंत्री ने ट्वीट कर जेएनयू में घटना की निंदा की है और कहा कि ये घटनाएं बेहद दुखदपूर्ण है क्योंकि जिस जेएनयू को हम जानते है वो विचारो के आदान-प्रदान की जगह है। कांग्रेस महासचिव ने छात्रों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।

साथ ही साथ इस घटना के माध्यम से देश के कई राजनेता अपनी रोटियां सेक रहे हैं ,सब एक दूसरे पार्टी पर सिर्फ तंज कास रहे हैं।  देश के ऐसे हालात हैं कि चारो तरफ लोग लहूलुहान पड़े हैं ,और ये राजनेता एक दूसरे को बदनाम करने में लगे हैं।

अपने एक ट्वीट में प्रियंका गांधी ने लिखा, इस सरकार की बड़ी दिक्कत है, जो अपने ही बच्चों पर हिंसा को भड़काती और अनुमति देती है। राजनैतिक पार्टियों ने इस हमले का ज़िम्मेदार ABVP को बताया।

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