पायलट की सीएम गहलोत को चिट्ठी, याद दिलाया एमबीसी की जातियों को आरक्षण देने का चुनावी वादा

पायलट की सीएम गहलोत को चिट्ठी, याद दिलाया एमबीसी की जातियों को आरक्षण देने का चुनावी वादा

नई दिल्ली/आयुषी जैन: राजस्थान की राजनीति में पायलट-गहलोत कर बीच चले लम्बे विवाद के बाद कांग्रेस में स्थिति सामान्य हुई ही थी कि राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की एक चिट्ठी ने फिर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सिरदर्द बढा दिया है । इस चिट्ठी को देखकर लगता है कि अभी राजस्थान में पायलट और गहलोत के बीच अभी सब कुछ पूरी तरह से सामान्य नही है । राजस्थान में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) की जातियों के युवाओं को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं देने और देव नारायण योजना के विभिन्न कार्य ठप होने को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखी है । 

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सीएम गहलोत को लिखी अपनी चिट्ठी में लिखा कि विधानसभा चुनाव 2018 के घोषणा पत्र में एमबीसी के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण देने का वायदा किया गया था. लेकिन मुझे यह बताया गया कि सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018, रीट भर्ती 2018, पंचायतीराज एल डीसी भर्ती 2013, टेक्निकल हैल्पर भर्ती 2018, नर्सिंग भर्ती 2013 व 2018, जेल प्रहरी भर्ती 2018, आशा सुपर वाइजर भर्ती 2016, कमर्शियल असिसटेंट भर्ती 2018, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 व अन्य भर्तियों में एमबीसी से जुड़ी जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया है, जबकि इस आरक्षण को देने के लिए सरकार ने प्रतिनिधियों से समझौता भी किया था । 

सचिन पायलट ने अपने पत्र में देवनारायण बोर्ड और देव नारायण योजना से जुड़े विकास कार्य जो ठप्प पड़े है उसे लेकर भी दुःख प्रकट किया है । पायलट ने सीएम गहलोत को बताया कि समय-समय पर लोग मुझसे मिलते हैं और इन दोनों योजनाओं को बजट देकर उचित ढंग से क्रियान्विति करने की मांग करते हैं. पायलट ने पत्र में आग्रह किया कि मेरे द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई की जाए । 

आपको बता दें अति पिछड़ा वर्ग में गुर्जर, रेबारी, देवासी, गडरिया, बंजारा सहित अनेक जातियां शामिल हैं. इन जातियों के युवाओं को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण देने का वादा घोषणा पत्र में किया गया था जोकि अभी तक पूरा नही हुआ है । सचिन पायलट भी गुर्जर समाज से आते है और उनकी गुर्जर समाज मे पकड़ भी बहुत है ।

गहलोत सरकार 2 अक्टूबर पर अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने वाली है । इससे पहले सचिन पायलट की चिट्ठी से राजस्थान सरकार पर वादा पूरा करने का दबाव बढ़ गया है ।