4 नवंबर 2026खबरें • विश्लेषण • जनसरोकार

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भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ने ममता बनर्जी को कहा "ताड़का", सोशल मीडिया पर सांसद के अकाउंट सस्पेंशन की उठी मांग

भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ने ममता बनर्जी को कहा "ताड़का", सोशल मीडिया पर सांसद के अकाउंट सस्पेंशन की उठी मांग

भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ने ममता बनर्जी को कहा “ताड़का”, सोशल मीडिया पर सांसद के अकाउंट सस्पेंशन की उठी मांग

 

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ने कल बंगाल को लेकर एक ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि मुमताज लोकतंत्र,हिंदुओं BJP4Bengal के कार्यकर्ताओं की निर्मम,हत्या,बलात्कार 

हे कलंकिनी..बस्स्स्

शठे शाठ्यम समाचरेत,टिट फॉर टैट करना ही होगा।राष्ट्रपति शासनऔर NRCबस यही उपाय हैं।संतोऔर वीरोंकी भूमि पर ताड़का का शासन हो गया।अबतो “राम” बनना ही होगा।

जय श्री राम

 साध्वी प्रज्ञा के इस ट्वीट के बाद अकाउंट सस्पेंशन की मांग उठ गई है.

 अकाउंट सस्पेंशन की उठी मांग :-

 साध्वी प्रज्ञा के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उनके अकाउंट सस्पेंशन की मांग उठने लगी है लोग ट्विटर को मेंशन कर उनके अकाउंट सस्पेंशन कराने की मांग कर रहे हैं.

 टीम SAATH ऑफिशियल ने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से देने की बात करती भोपाल की सांसद!

एक Narrative Build किया जा रहा है। आप सब देख रहे हैं ना? समझ रहे हैं ना?

Twitter से Request है कि SadhviPragya_MP का Account Suspend किया जाए, क्यूंकि इनका Tweet हिंसा मचाने के लिए लोगों को भड़का रहा है !

 इसके अलावा और कई लोगों ने भी इनके अकाउंट सस्पेंशन की बात कही है.

 ट्विटर से लगातार रिक्वेस्ट की जा रही है कि साध्वी प्रज्ञा अपने हैंडल के माध्यम से दंगा भड़काने का प्रयास कर रही हैं. इसीलिए इनका अकाउंट सस्पेंड किया जाए.

इस पर मध्य प्रदेश कांग्रेस महासचिव (मीडिया) केके मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में लोकतंत्र की सीता का अपहरण करने पर वे कुछ कहतीं तो बेहतर होता। प्रज्ञा सिंह ने बंगाल में हिंसा की घटनाओं को लेकर ट्वीट कर कहा कि बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या, बलात्कार.. अब टिट फॉर टैट करना ही होगा। राष्ट्रपति शासन और एनआरसी, बस यही उपाय हैं। इस पर पलटवार करते हुए केके मिश्रा ने कहा कि कोरोना के कहर से लाशों के ढेर से बेखबर प्रज्ञा सिंह अचानक प्रकट हुई। वह भी बंगाल व ममता बनर्जी को लेकर। वह वहां राष्ट्रपति शासन की मांग कर रही हैं। वह यह बतातीं कि भोपाल में कितनी मौतें हुई तो बेहतर होता।

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