सिंधिया के कारण हमारे पुराने नेता (MLA) मंत्री नहीं बन पाए, अब और कितना एडजस्ट करें – मुरलीधर राव

मध्यप्रदेश/इंदौर – रविवार को इंदौर में भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक आयोजित की गई थी। इसमें शामिल होने पहुंचे प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव से जब मीडिया ने पूछा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को संगठन में पर्याप्त जगह क्यों नहीं दी गई? इस पर राव ने कहा कि उनके कारण हमारे पुराने नेता (विधायक) मंत्री नहीं बन पाए। अब और कितना एडजस्ट करें। हालांकि जैसे ही उन्हें अहसास हुआ कि वे क्या बोल गए तो उन्होंने अपनी बात को संभालते हुए कहा कि सिंधिया अब पूरी भाजपा के नेता हैं। उनके समर्थक भी अब पार्टी के कार्यकर्ता हैं।
प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के इस बयान के बाद सियासत गर्मा गई हैं। एक तरफ जहां उनके बयान से बीजेपी में खलबली मची हुई है वही दूसरी तरफ कांग्रेस ने मुद्दा लपकते हुए सिंधिया समर्थकों और बीजेपी को घेरना शुरु कर दिया हैं।
कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने ट्वीट कर बीजेपी पर तंज कसा हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि – BJP प्रदेश प्रभारी बोले-“सिंधिया समर्थकों की वजह से हमारे लोग वंचित हो गए, अब कितना एडजस्ट करें!” यानी बिकाऊलालों को आज भी समर्थक का दर्जा, भाजपाई मानने से इंकार! मुरलीधर राव जी अभी तो दर्द छलका है,बाद में पूरी भाजपा रोएगी।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश कार्यकारणी के गठन के बाद से ही अंदरखानों से नाराजगी की कई खबरें सामने आ रही हैं। लेकिन राव के इस बयान से सियासी गलियारों में कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
उठ रहे सवाल
- क्या राव के बयान से बीजेपी के अंदर का दर्द छलका हैं?
- क्या बार बार बगावत कर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे बीजेपी विधायक सही हैं?
- क्या बीजेपी के अंदर ख़ेमे में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा हैं?
- क्या सिंधिया समर्थकों को शामिल कर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं?
बहरहाल, नगरीय निकाय चुनाव से पहले प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को लेकर दिए गए बयान के बाद सियासी गलियारों में भी इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
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