अब किसान की मौत पर सियासत तेज, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर लगाया ये आरोप

मध्यप्रदेश/भोपाल (Bhopal). मध्य प्रदेश के आगर मलाव के तनोड़िया(tanodiya) में गेहूं तुलवाने के समय एक किसान की मौत हो गई। अब किसान की मौत पर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।
कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि प्रदेश में किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कमलनाथ ने कहा कि आगर-मालवा में मलवासा के एक किसान प्रेम सिंह की परेशानियों व अव्यवस्थाओं से दुखद मौत हो गई। इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केन्द्र पर बुलाया गया था।
इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केन्द्र पर बुलाया गया था।4 दिन इंतज़ार के बाद उसके उपार्जन केन्द्र को परिवर्तित कर उसे तनोड़िया बुलाया गया।25 मई को 6 दिन बाद उसका नंबर आया , तभी अपनी फ़सल बेचने को लेकर गर्मी में निरंतर भटक रहे , तनाव झेल रहे किसान प्रेम सिंह की दुःखद मृत्यु हो गई।
हरसंभव मदद करे सरकार
कमलनाथ का कहना है कि खरीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गई। इसकी ज़िम्मेदार सरकार व उसकी नीतियां है। सरकार मृत किसान के परिवार की हरसंभव मदद करे ,इस किसान की मौत के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई कराई जाए।
हार्टअटैक से हुई है किसान की मौत
समर्थन मूल्य पर तनोड़िया में गेहूं बेचने आए किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। किसान प्रेम सिंह ( पिता राम सिंह 45 वर्ष निवासी मलवासा ) 17 मई की शाम से गेहूं बेचने उसके छोटे भाई जितेंद्र के साथ गेहूं खरीदी केंद्र तनोड़िया गए थे। कहा जा रहा है कि गेहूं तुलावने के दौरान हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई।




