सभी खबरें

कांग्रेस नेता अजय सिंह को लेकर नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, अटकलों का दौर फिर से तेज़ 

  • मप्र में होने उपचुनाव से पहले मुलाकातों का सिलसिला हुआ शुरू 
  • कांग्रेस नेता अजय सिंह के भाजपा में जाने की अटकलें तेज़ 
  • गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान ने बढ़ाया सस्पेंस 
  • बंद कमरे में 40 मिनट तक हुई थी बातचीत 
  • कमलनाथ के खिलाफ भी अजय सिंह बोल चुके है हमला 

भोपाल/खाईद जौहर : बीती सोमवार को कांग्रेस के कद्दावर नेता अजय सिंह प्रदेश के ग्रहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात करने उनके निवास पर पहुंचे। यह खबर जैसे ही राजनीतिक गलियारे में आई तो हलचल तेज हो गई। कयास लगाए जाने लगे कि क्या अजय सिंह भी बीजेपी में शामिल हो रहे हैं? बता दे कि अजय सिंह सोमवार शाम को नरोत्तम मिश्रा से मिलने चार इमली स्थित आवास पर पहुंचे थे। जहां दोनों नेताओं की करीब 40 मिनट बंद कमरे में बातचीत हुई थी। 

इस मुलाकात के बाद अजय सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन हालही में गृह मंत्री नरोत्तम के दिए गए बयान के कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि अजय सिंह से उनकी मुलाकात सामान्य थी। मित्रता के नाते उनकी मुलाकात होती रहती है। लेकिन उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अजय सिंह के राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनके राजनीतिक विरासत का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। गृह मंत्री के इस बयान को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस के अंदर कयासों का दौर तेज हो गया है। 

बता दे कि मध्यप्रदेश में 3 विधानसभा, 1 लोकसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव होना है, लेकिन इन चुनावो से पहले सत्ता दल और विरोधी दल के नेताओं के बीच मेल मुलाकात का दौर शुरू हो गया है। जिससे प्रदेश की सियासी हलचल तेज़ हो चली है। खास बात ये भी है कि इन सीटों में सतना रैगांव विधानसभा की सीट भी शामिल है। रैगांव सीट पर कांग्रेस नेता अजय सिंह का भी खासा प्रभाव है और ऐसे में उपचुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से अजय सिंह की बंद कमरे में मुलाकात के कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। 

इधर, कांग्रेस पार्टी के अंदर कमलनाथ के साथ अजय सिंह के मतभेद विंध्य में उनके प्रभाव को लेकर भी सामने आए थे, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विंध्य क्षेत्र के प्रभारी अजय सिंह राहुल के धुर विरोधी रहे चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को बना दिया था। हालांकि अजय सिंह की नाराजगी के बाद चौधरी राकेश सिंह को मुरैना का प्रभारी बना दिया गया लेकिन अभी भी इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। 

इतना ही नहीं अजय सिंह सार्वजनिक रूप से अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की कार्यप्रणाली को लेकर बयानाबाजी कर चुके हैं। कहा जा रहा है की वो पार्टी से नाराज़ चल रहे है, ऐसे में अचानक हुई इस बैठक ने प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरमा दिया है। हालांकि कांग्रेस ने साफ कहा है कि 2023 के चुनाव में अजय सिंह कांग्रेस पार्टी में अहम भूमिका निभाएंगे। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button