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MP नगरीय निकाय चुनाव : कांग्रेस ने इस वरिष्ठ नेता को किया पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित, समर्थकों के बागी होने के आसार!

मध्यप्रदेश/भोपाल – मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कब होंगे इसका तो पता नहीं, लेकिन इन चनावों से पहले एक बार फिर सियासत का दौर शुरू हो गया हैं। बता दे कि इन चुनाव से पहले मप्र कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता माणक अग्रवाल को प्राथमिक सदस्यता के साथ पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया हैं। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर द्वारा की गई हैं। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और अग्रवाल के समर्थकों में हड़कंप मच गया हैं। 

दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने ट्वीट कर कमलनाथ से सवाल पूछा था कि कमलनाथ जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह गोडसे की विचारधारा के साथ हैं या गांधी जी की विचारधारा के साथ। जिस तरीके से उन्होंने पिछले दिनों तारीफ की है, उससे यह स्पष्ट होता है कि वह हमेशा से पार्टी की विचारधारा के विपरीत चले हैं। 

जिसके बाद सोमवार को हुई प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक में उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। 

पार्टी से निष्कासित होने पर माणक अग्रवाल ने कहा कि उन्हें ये नहीं मालूम था कि कांग्रेस में गोडसे का विरोध करना महंगा पड़ेगा और गोडसे का समर्थन करने वालों को स्थान दे दिया जाएगा। उन्होने कहा कि हम विचारधारा की लड़ाई लड़ते रहे हैं और कभी किसी बात की परवाह नहीं की हैं। उन्होने साफ कहा कि ये उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है और उन्होने इसके लिए कुछ बड़े नाम भी लिये हैं। उन्होने कहा कि वो हमेशा इस बात की लड़ाई लड़ेंगे कि गोडसे की आरती उतारने वाले कांग्रेस में नहीं रहें।

वहीं, इस कार्यवाही के बाद समर्थकों का कहना है कि माणक अग्रवाल AICC के सदस्य हैं। PCC के पास कोई अधिकार नहीं है उन्हें निष्कासित करने का। एआईसीसी प्रतिनिधि पर कार्रवाई करने का अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास होता है, जो कि सोनिया गांधी हैं। खबरों की मानें तो मानक अग्रवाल को पार्टी से निकालने के बाद सम्भावना है कि उनके समर्थक भी बागी हो सकते हैं। चुंकी भोपाल समेत होशंगाबाद जिले में मानक समर्थको की भरमार हैं। हो सकता है 100 से ज्यादा काँग्रेस कार्यकर्ता इस्तीफा दें, जिसका फायदा बीजेपी को आगामी चुनावों में मिल सकता हैं। 

इधर, कांग्रेस सूत्रों ने बताया, मानक अग्रवाल के खिलाफ एक्शन होना निश्चित था। इसके संकेत कमलनाथ के करीबी और मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने अग्रवाल का बयान आने के बाद ही दे दिए थे। सलूजा ने कहा था- जो लोग शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पार्टी में बने रहने का अधिकार नहीं हैं। 

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