MP: ऑनलाइन अपराध का शिकार हो रहे मासूम बच्चे, अब सॉफ्टवेयर के जरिये पेरेंट्स रख सकते है निगरानी

- प्रदेश में लगातार बढ़ रहे हैं ऑनलाइन अपराध
- बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार ने उठाया कदम
- ऑनलाइन गेम कि लत में बच्चे चुन रहे गलत राह
भोपाल/निशा चौकसे:- देश और प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए करीब दो सालों से ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं. लेकिन बच्चे इस बीच कोरोना से तो सुरक्षित रहे, पर मोबाइल और इंटरनेट के उपयोग कि लत से उनके साइबर क्राइम का शिकार होने का खतरा बढ़ गया है. रोज़ाना ऑनलाइन क्राइम कि घटनाएं सामने आ रहीं हैं, ऐसे में अब पेरेंट्स को सतर्क रहने की जरुरत है.
गलत वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे बच्चे
कई बार बच्चे उत्सुकता के चलते गलत वेबसाइट का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं और जाने-अनजाने में शिकार बन जाते हैं. बता दें की साइबर थाना भोपाल में ऐसे एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जिसमे छोटे बच्चों की संख्या ज्यादा है. इसमें कई बच्चे तो ऐसे हैं जो ऑनलाइन गेम की लत में चोरी तक करने लगे हैं. घर में चोरी करना, दोस्तों से उधार पैसे लेकर गेम खेलना, इन सब आदतों से बच्चे गलत राह पर जा रहें हैं. प्रदेश में तो कई केस ऐसे भी हुए हैं, जहां माता-पिता ने गेम खेलने से रोका तो बच्चों ने आत्महत्या कर ली.
सरकार ने जारी की यह गाइडलाइन्स
केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने बच्चों को इस तरह के अपराध से बचाने के लिए गाइडलाइन्स जारी की है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों को ऑनलाइन अपराध करने से बचा सकते हैं, पेरेंट्स किसी अच्छे सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं. जरूरी यह है कि बच्चों को ऑनलाइन अपराध के बारे में शिक्षित किया जाए.




