कोरोना को लेकर सरकार गंभीर नहीं! खुद नही करते नियमों का पालन जनता को दे रहे ज्ञान...

कोरोना को लेकर सरकार गंभीर नहीं! खुद नही करते नियमों का पालन जनता को दे रहे ज्ञान...

कोरोना को लेकर सरकार गंभीर नहीं! खुद नहीं करते नियमों का पालन,जनता को दे रहे ज्ञान...

मध्यप्रदेश/भोपाल : सरकार दिन प्रतिदन अलग अलग तरह से कोरोना को मात देने के लिए लोगों के सामने उभर कर आती है। वह यह जताती है कि हम आपके हित में सोचते है इसीलिए अलग अलग तरह से आपको जागरूक करने का प्रयास करते है। परंतु सरकार के ये अंतहीन प्रयास से कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती जा रही हैं। सीएम के साथ के ही लोग सोशल डिस्टेनसिंग का पालन नहीं करते। वह आमजन के लिए रैली निकालते है जिसमे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग करने की अपील की जाती है। इसी मध्य पूर्व मंत्री व मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को पीसीसी में मीडिया से चर्चा में आरोप लगाया कि प्रदेश में फैल रहे कोरोना संक्रमण को लेकर शिवराज सरकार गंभीर नही है। काम के नाम पर केवल नौटंकी हो रही है। 
पटवारी ने कहा कि पिछले एक साल से मुख्यमंत्री हर तीसरे दिन कोरोना की  समीक्षा बैठक कर रहे है, लेकिन प्रदेश में कोरोना की स्थिति हर दिन चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों से प्राइवेट अस्पतालों में लूट- खसोट मची है। स्थानीय प्रशासन का इन प्राइवेट अस्पतालों पर कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। प्रदेश के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बिस्तरों की समुचित व्यवस्था नही है। 
कोरोना मरीजों को 48 से 72 घंटे तक प्रतीक्षा करने पड़ रहा है। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान जनता को मौत के मुह से धकेल कर गाँधी जी की शरण मे बैठकर  कोरोना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे है। उन्हें ये बंद कर कोरोना से इलाज की बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री कोरोना के नाम पर नाईट कर्फ्यू लगाते है, लेकिन यह नियम शराब दुकानों पर लागू नहीं होता। यही  कारण है कि लोग सिर्फ कोरोना से ही नही मर रहे बल्कि ज़हरीली शराब पीकर भी मर रहे है। पटवारी ने कहा कि कोरोना हेल्थ वर्कर्स एवं फ़्रंटलाइन वर्कर्स को मानदेय दिया जाए और प्रदेश में सभी आयु वर्ग के लोग को कोरोना वैक्सीन लगाई जाए।