जब पत्रकार पर भड़के पूर्व सीएम कमलनाथ तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दे डाली सलाह

जब पत्रकार पर भड़के पूर्व सीएम कमलनाथ तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दे डाली सलाह

पत्रकार पर भड़के पूर्व सीएम कमलनाथ तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दे डाली सलाह

  • कांग्रेस के वचन पत्र जारी किये जाने पर एक सीनियर पत्रकार ने जब आंकड़ो को लेकर सवाल किए तो कमलनाथ भड़क गए 
  • अब गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसको लेकर कांग्रेस के दिग्गजों पर हमला करते हुए कहा इंदिरा गांधी के आपातकाल से बाहर निकलने की बात कह डाली 
  • नेताओं का पत्रकारों पर यह रवैया कई बार महँगा पड़ जाता है 

द लोकनीति डेस्क भोपाल

पत्रकारों को सवाल करने के लिए ही रखा जाता है।जब सिस्टम में बैठे हुए लोग अपनी बात या समाज के लिए कुछ अच्छा-बुरा या कोई कार्यक्रम करतें है तो अक्सर सवाल पूछने का अधिकार रखने वाले पत्रकार वहाँ जरूर शामिल होते है।लेकिन क़भी -क़भी नेताओं की प्रतिक्रिया पत्रकारों पर अच्छी नहीं रहती ।सवाल पूछने के लिए ही पत्रकारिता ने पत्रकारों को यह हक़ दिया है कि वे जब चाहें जिसे चाहें सवालों के घेरे में रख सकतें है। पत्रकारिता का स्तर जिस तरह गोदी मीडिया वाला बनता जा रहा है उसको लेकर भी पत्रकारों को सोचना पड़ेगा कहि हमारा कंटेंट नफ़रत तो नहीं फ़ैला रहा है यदि ऐसा है तो हमें इसे जल्द बदलना होगा।

जब पत्रकार पर भड़क उठे कमलनाथ, तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दे डाली सलाह

 आज कांग्रेस का वचन पत्र जारी करते समय पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (formar cm kamalnath) एक पत्रकार (journalist) पर नाराज हो गए और उसे डपट दिया। पत्रकार द्वारा सवाल पूछने पर कमलनाथ ने कहा कि ‘मुझे क्या करना है, मुझे आपसे ज्ञान लेने की जरूरत नहीं है, मैं जानता हूं क्या आंकड़े चाहिए।’ ये वाकया तब हुआ जब कांग्रेस का वचन पत्र जारी किया जा रहा था। इस दौरान एक सीनियर पत्रकार ने आंकड़ों से संबंधित कुछ बात कही तो कमलनाथ भड़क गए और मंच से उन्हें डपट दिया।

कमलनाथ के पत्रकार पर नाराज होने की घटना पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (home minister narottam mishra) ने उन्हें समझाईश देते हुए कहा है कि ‘कमलनाथ जी पत्रकारों को मिगलानी या सज्जन की तरह नहीं समझें। प्रतिदिन वे जिस तरह का व्यवहार पत्रकारों के साथ कर रहे हैं। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं पत्रकार, पत्रकार जो भी सवाल करता है वो जनहित में करता है, अपने हित में नहीं करता। ऐसा लगता है कि आपातकाल में जिस तरह का रवैया इंदिरा जी का पत्रकारों का के प्रति था, लगता है कमलनाथ जी उससे निकल नहीं पाए हैं।’ इस प्रकार नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ को पत्रकारों के सवाल पर भड़कने के बाद सलाह दी है कि वो उन्हें अपनी पार्टी के नेताओं की तरह ट्रीट न करें