
केंद्रीय मंत्री व बीजेपी दिग्गज नेता प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि, मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ के निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव का विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करना “वंशवाद की राजनीति” के खिलाफ “विद्रोह का सबसे बड़ा उदाहरण” है।
बीजेपी नेता प्रहलाद सिंह पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “छिंदवाड़ा जिले में एक शाहपुरा गांव है जहां बीजेपी के लिए शून्य वोट हुआ करते थे। अब, उस गांव ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। यह वंशवाद की राजनीति के खिलाफ विद्रोह है।
आपको बता दें कि, कमलनाथ छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके बेटे, नकुल कमलनाथ, छिंदवाड़ा से लोकसभा सांसद हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, छिंदवाड़ा ने वंशवाद की राजनीति से मुक्ति का निर्णय ले लिया है।
पटेल ने कहा कि, छिंदवाड़ा वंशवाद की राजनीति से आहत है और अब उसने बदलाव का फैसला कर लिया है। मैं बार-बार कहता था कि कमलनाथ चुनाव हार जाएंगे। तब मुझे नहीं पता था कि, लोग उस गांव में चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बगावत का इससे बड़ा उदाहरण कोई नहीं हो सकता कि पूर्व मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गांव में एक भी वोट नहीं पड़ा।